स्वतंत्र बोल
रायपुर 26 अप्रैल 2025. भारत माला परियोजना में मुआवजा वितरण में गड़बड़ी में शामिल जमीन दलाल सहित चार को ईओडब्लू ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जमीन दलाल हरमीत सींग खनूजा, विजय जैन और फर्जीवाड़ा कर पैसा डकारने वाले उमा तिवारी और उसके पति केदार तिवारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चारो को शनिवार दोपहर नीरज शर्मा के कोर्ट में पेश किया। ईओडब्ल्यू ने पूछताछ के लिए 14 दिनों का रिमांड माँगा, कोर्ट ने सात दिनों का स्वीकृत किया है। ईओडब्ल्यू इन सात दिनों में आरोपितों से पूछताछ करेगी।
एक दिन पहले ईओडब्ल्यू ने प्रदेश के 4 जिलों ठिकानों में छापेमारी करते हुए महत्वपूर्ण दस्तावेज सहित मोबाइल जब्त किया था। ईओडब्ल्यू ने शुक्रवार को हरमीत खनूजा और विजय जैन को हिरासत में लेकर पूछताछ की, दोनों रात भर ईओडब्ल्यू कस्टडी में थे। सुबह उमा तिवारी और उसके पति केदार तिवारी को बांसटाल रायपुरा से गिरफ्तार किया गया। ईओडब्ल्यू छापेमारी के बाद से राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भूमिगत हो गए है।
घोटाले का मास्टरमाइंड खनूजा–
राजस्व विभाग के अधिकारियो और पुलिस के अनुसार कामास्टर माइंड हरमीत सींग खनूजा है। हरमीत मूलतः महासमुंद का रहवासी बीते कुछ वर्षो से राजधानी विस्टा कॉलोनी में निवासरत है। बताते है कि बीते कांग्रेस सरकार में राजस्व अधिकारियो के साथ मिलीभगत कर भारतमाला परियोजना में हुए जमीन अधिग्रहण में अरबो रुपये का खेल किया है। राजस्व उसने राजस्व अधिकारियो और उनके रिशतेदारो को अपना पार्टनर बना लिया था, और सुनियोजित तरीके से सभी गड़बड़ी करते रहे। तेलीबांधा के एसएलटी वाटरफ़्रन्ट के तीसरे फ्लोर में दसमेश इंस्टावेंचर नामक उसका ऑफिस है, जिसे एक दिन पहले ईओडब्ल्यू ने सील किया था। पुष्ट सूत्रों के अनुसार हरमीत ने अभनपुर के किसानो का बैंक खाता महासमुंद के आईसीआईसीआई बैंक में खुलवाया था। उसके कुछ आईएएस और राजस्व विभाग के अधिकारियो से बेहद करीबी संबंध बताया जाता है।
डॉयफ्रुट और चायपत्ती दिखावा-
ईओडब्ल्यू ने टैगोर निवासी विजय जैन को उसके घर से हिरासत में लिया था। जैन का पेटीलाइन में डॉयफ्रुट और चायपत्ती का दूकान है, पर मूल धंधा जमीन का है। विजय जैन ने जैतूसाव मठ को मिलने वाले मुआवजा की राशि डेढ़ करोड़ में फर्जीवाड़ा करने में अहम् भूमिका निभाया है। जैन के और भी मामले जो अब सामने आ सकते है।
देखे वीडियो-
उमा तिवारी पति केदार तिवारी-
राजधानी के बांसटाल रायपुर क्षेत्र निवासी उमा तिवारी पति केदार तिवारी ने मुआवजा लेने फर्जीवाड़ा किया। जैतूसाव मठ को मिलने वाले दो करोड़ तरह लाख की राशि को हड़पने फर्जी पेपर तैयार की, और स्वर्गीय विश्वनाथ पांडेय की बेटी बनकर मुआवजा डकार गई। जिसमे उसके पति केदार तिवारी ने भरपूर साथ दिया। केदार तिवारी घरो में दैनिक पूजा पाठ करता है। कोर्ट में उमा तिवारी साडी से चेहरा छिपाते रही।
इन आरोपितों ने भगवान् रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ सहित अन्य जमीनों पर भी जमीनों में फर्जीवाड़ा किया है। धरमपुरा, दतरेंगा सहित अन्य गाँवों की जमीनों फर्जीवाड़ा में इनकी संलिप्तता बताई जा रही है, जो अब सार्वजनिक होगी।





