मंदिर का मुआवजा हड़प गए राजस्व अधिकारी: स्वतंत्र बोल ने ढूंढ निकाला उमा तिवारी को, ऐसे हुआ मुआवजे में खेला।

स्वतंत्र बोल
रायपुर 09 मार्च 2025.  भारत माला परियोजना में मुआवजा घोटाला करने वाले राजस्व अधिकारीयो ने मठ -मंदिरो को भी नहीं छोड़ा। मठ मंदिरो की जमीनों के बदले मिलने वाले मुआवजे को अधिकारी और जमीन दलाल डकार गए। भारत माला सड़क परियोजना में लोक न्यास ठाकुर रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ की साढ़े पांच एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी, जिसके बदले में मंदिर ट्रस्ट को 2 करोड़ 37 लाख रुपये का मुआवजा मिलना था। राजस्व अधिकारी निर्भय साहू और जमीन दलालो ने इसमें भी खेला कर घोटाला कर दिया।

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SDM ने अधिकारों का किया दुरुपयोग: पैसो की लालच में उमा तिवारी बनी बेटी, जमीन दलालो और राजस्व अफसरो ने मिलकर हड़प डाले करोडो रुपये

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मंदिर ट्रस्ट के अनुसार उगेतरा की साढ़े पांच एकड़ भूमि भारत माला सड़क परियोजना में निकली, जिसके एवज में शासन द्वारा मंदिर ट्रस्ट को 2 करोड़ 37 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना था। पहली बार मुआवजा निर्धारण का प्रकाशन हुआ तो अवार्ड ठाकुर रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ के नाम पर हुआ पर पर बाद में नाम बदल दिया गया। दूसरी सूची में करोडो का मुआवजा उमा तिवारी पति केदार तिवारी नामक महिला को जारी कर दिया गया। पूरा खेल जमीन दलालो और राजस्व अधिकारीयो ने सुनियोजित तरीके से किया। घोटाले में ट्रस्टियो के शामिल होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

आँख मूंद गए एसडीएम-

तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू

साल 2022 में करोडो की राशि में डाका होते देख मंदिर ट्रस्ट ने आपत्ती की। मंदिर ट्रस्टी के अनुसार उमा तिवारी ने स्वयं को विश्वनाथ पांडेय की पुत्री होना बताया और जमीन पर अपना हक़ बताया। जबकि स्वर्गीय विशंभर पांडेय के एक बेटी शांति देवी थी जिसकी मृत्यु वर्षो पूर्व हो चुकी है। ऐसे में जमीन दलालो ने उमा तिवारी नामक महिला को विश्वनाथ पांडेय की बेटी बनाकर एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया और तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू ने आँख बंदकर ऑर्डर कर दिया। उमा तिवारी ने एसडीएम कार्यालय में जमा किये दस्तावेजों अनुसार उसका जन्म 1980 मे हुआ और साल 1986 में नाबालिक रहते फौत उठा लिया गया। जबकि स्वर्गीय विश्वनाथ पांडेय के बेटे बेटियों ने भी एसडीएम को शपथ पत्र देकर उमा तिवारी नामक कोई रिश्तेदार और बुआ नहीं होना बताय फिर भी एसडीएम ने अनदेखी की और दूसरे खाते से उमा तिवारी को 2 करोड़ 13 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।

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स्वतंत्र बोल ने ढूंढ निकाला-

 

उमा तिवारी

उमा तिवारी पति केदार तिवारी निवासी सुन्दर नगर को मंदिर ट्रस्ट बीते दो वर्षो में नहीं ढूंढ पाया है। मंदिर ट्रस्टियो ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौपकर तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू, तहसीलदार अभनपुर और गोबरनवापारा, रीडर नेताम, पटवारी और जमीन दलाल  विजय जैन के खिलाफ अपराध दर्ज करने साल 2023 में ज्ञापन सौपा था। जिस पर अब तक ना तो अपराध दर्ज हुआ है ना ही मुआवजा वापस मिला है। मंदिर ट्रस्ट ने आवेदन सौप कर अपनी जिम्मेदारी से पूरी कर ली है। मंदिर ट्रस्ट में वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायन शर्मा के उपाध्यक्ष होने के बाद भी अपराध दर्ज नहीं हुआ, जब यह घोटाला हुआ तो सरकार कांग्रेस की थी और सत्यनारायण शर्मा विधायक थे।

ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा

जिस उमा तिवारी को मंदिर ट्रस्ट नहीं ढूंढ पाया उसे स्वतंत्र बोल ने ढूंढ निकाला। स्वतंत्र बोल टीम ने सप्ताह भर के मेहनत के बाद उमा तिवारी का पता ठिकाना ढूंढ निकाला। उमा तिवारी महादेव घाट एरिया में छोटे से मकान में अपने बेटे और पति के साथ निवासरत है। उनके पति दैनिक पूजा पाठ करते है।

 

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