स्वतंत्र बोल
महासमुंद/रायपुर 27 अप्रैल 2025. भारत माला परियोजना अंतर्गत जमीन अधिग्रहण में हुए मुआवजा घोटाले में ईओडब्ल्यू ने घोटाले के मास्टर माइंड हरमीत खनूजा के महासमुंद स्थित घर में दबिश दी। टीम ने स्टेशन रोड के रामेश्वरी दुर्गा मंदिर परिसर में बने घर में दबिश दी, यहाँ से थोक में जमीनों के दस्तावेज और बैंक पासबुक, और अन्य दस्तावेज जब्त किया है। इस घर में हरमीत खनूजा का भाई हरजीत सींग रहता है, पुलिस ने हरजीत का बयान रिकॉर्ड किया है।
सूत्रों के अनुसार ईओडब्ल्यू की टीम सुबह साढ़े बजे महासमुंद स्थित निवास पहुंच गई थी, तो उनके परिजनों ने हरजीत को फ़ोन पर सुचना दी। बताते है कि हरजीत बिरकोनी स्थित अपने ढाबा में था। जाँच टीम सुबह साढ़े छह बजे से शाम 6 बजे तक घर में जाँच पड़ताल करती रही।
घोटाले के पैसो महँगी गाडी और बंगला-
भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजा राशि में हुए बंदरबांट से राजस्व विभाग के पटवारी से लेकर एसडीएम और जमीन दलालो ने जमकर चांदी काटा है। घोटाले की राशि से सभी घर, जमीन, प्रॉपर्टी और महँगी गाड़ियां खरीदी है। साल 2020 से 2023 तक अभनपुर ब्लॉक में रहे पटवारी, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, तहसीलदार और एसडीएम ने धड़ल्ले गड़बड़ी की। बताते है कि तत्कालीन एसडीएम रहे निर्भय साहू ने करोडो रुपये सोना ख़रीदा तो मास्टर माइंड ने राजधानी के लॉ विस्टा कॉलोनी में बंगला खरीदा है, जो करीब 8000 वर्गफीट में बना हुआ है। उसी पैसो से उमा तिवारी पति केदार तिवारी ने बांसटाल में नया घर बनाया है।
कलेक्टरो की भूमिका-
भारत माला सड़क परियोजना की अधिसूचना 2019 में जारी हुई थी, जिसमे प्रभावित गाँवो के जमीन खरीदी -ब्रिक्री, बटांकन पर रोक लगाई गई थी। उसके बाद भी धड़ल्ले से जमीनों की रजिस्ट्री और नामांकन, बटांकन हुआ। फर्जीवाड़ा कर जमीं दलालो ने करोडो रुपये निकाले और वास्तविक मुआवजा धारको को पैसा ही मिला। सैकड़ो किसान अब भी मुआवजा के लिए तरस रहे है। उनकी जमीने जा चुकी है पर उन्हें मुआवजा नहीं मिला। इस दौरान ग्रामीणों ने कलेक्टर सौरभ कुमार और सर्वेश भूरे से शिकायते भी की, पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया। डॉ भूरे ने ही निर्भय साहू के खिलाफ हुई जाँच रिपोर्ट को लंबे समय तक दबाये रखा था।
रायपुर जिले के किसानो का महासमुंद जिले में खाता-

अभनपुर के किसानो का महासमुंद जिले के आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवाया गया था। बताते है कि जमीं दलालो ने किसानो को भरोसे में लेकर पूरा खेल किया। उनके आधार कार्ड से महासमुंद में खाते खोले और उन्हें खुद ही संचालित करते रहे। जिसके चलते करोडो रुपयों के ट्रांजेक्शन एक बार में हुए और फिर खाता बंद कर दिया गया। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार हरमीत खनूजा के रिश्तेदार महासमुंद के आईसीआईसीआई बैंक में कार्यरत था, जिसनें इसमें मदद की और बाद में नौकरी छोड़कर दूसरे बैंक में शिफ्ट हो गया।


