PWD में टेंडर घोटाला, अफसरों ने कूटरचना कर चहेती फर्म को लाभ पहुंचाया.. EOW में शिकायत।

स्वतंत्र बोल
रायपुर 08 जून 2026.  लोक निर्माण विभाग के इलेक्ट्रिकल विभाग में अधिकारियो ने खेला किया है। विभागीय अफसरो ने चहेती फर्म को काम देने के लिए टेंडर में कूटरचना किया और लाखो रुपये का भुगतान कर दिया। मामला राजधानी के लोक निर्माण विभाग इलेक्ट्रिकल विंग का है जहा पदस्थ मुख्य अभियंता और कार्यपालन अभियंता ने नियमो को दरकिनार कर निविदा प्रक्रिया में छेड़खानी की और अपने चहेती फर्म को कूटरचना कर लाखो रुपये का भुगतान कर दिया, इसकी शिकायत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में हुई है।

ad

youtube

जानकारी अनुसार साल 2023-2024 में लोक निर्माण विभाग रायपुर के इलेट्रिकल विंग द्वारा LED RGB Colour Strip लाइट लगाने और अन्य कार्यो का टेंडर जारी किया था, टेंडर प्रक्रिया में चार फर्म मेसर्स श्रीजी इलेक्ट्रिकल, मेसर्स संतोष कुमार केशरी, मेसर्स श्री कृष्णा डेवलपर्स और मेसर्स उज्जवल यादव शामिल थे, इसमें दो कंपनियों को अधिकारियो ने टेंडर की अहर्ता को पूरा करना पाया जिसमे मेसर्स श्रीजी इलेक्ट्रिकल और मेसर्स श्री कृष्णा इंफ़्राडेवलपर्स A class contractor को योग्य पाया। मेसर्स श्रीजी इलेक्ट्रिकल का रेट 6.50% कम होने पर कार्यादेश देना पर अंतिम समय ने अधिकारियो ने मेसर्स श्रीजी इलेक्ट्रिकल का दस्तावेज में कांटकर मेसर्स फार्चून अंश नामक फर्म को काम दे दिया, और बाद में इसी फर्म को करीब 47 लाख रुपये का भुगतान भी किया है।

ये जिम्मेदार-
टेंडर प्रक्रिया में हुए घोटालेबाजी में इलेक्ट्रिकल विंग रायपुर सर्किल के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता वर्तमान में मुख्य अभियंता टीआर कुंजाम, कार्यपालन अभियंता एसके झरिया, टेंडर प्रकोष्ठ के लिपिक लक्ष्मी बंछोर शामिल है। इन्ही अधिकारियो ने नियमो को दरकिनार कर मेसर्स फार्चून अंश को काम दिया, जबकि फार्चून अंश टेंडर प्रर्किया में शामिल ही नहीं था। अब घोटाले की शिकायत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के मुखिया अमरेश मिश्रा के पास पहुंची है।