स्वतंत्र बोल
रायपुर 06 मार्च 2025. राजधानी के लक्ष्मी महिला नागरिक बैंक में खाताधारकों को फर्जी ऋण देने का मामला विधानसभा में उठा। विधानसभा सदस्य श्रीमती शेषराज हरबंश ने मामले को उठाया जिस पर विभागीय मंत्री केदार कश्यप द्वारा दिए गए लिखित जवाब में बताया गया कि 928 महिला खाताधारकों से महतारी वंदन योजना अंतर्गत मिले राशि का समायोजन उनके ऋण और ब्याज वसूली में किया जा रहा है।
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बैंक में फर्जीवाडा: खाताधारकों को पता नहीं और जारी हो गया लोन, महतारी वंदन की राशि से हुई वसूली !
दरअसल विधानसभा सदस्य ने पूछा था कि “महतारी वंदन योजना अंतर्गत प्रार्प्त होने वाली राशि का लक्ष्मी सहकारी बैंक रायपुर महिला सदस्यों के ऋण और ब्याज वसूली में समायोजन किया जा रहा है, और नाम, पता तथा ऋण राशि बताये। कितने प्रकरण फर्जी पाए गए है और विभाग द्वारा कोई जाँच कराइ जा रही है ? तो जाँच के क्या परिणाम आये है ? कितने प्रकरणों की जाँच हो चुकी है ? सदस्य के इस भारी भरकम सवालों पर विभागीय मंत्री केदार कश्यप ने स्वीकार किया कि महतारी वंदन योजना अंतर्गत मिलने वाली राशि का उपयोग बैंक प्रबंधन द्वारा ऋण वसूली और ब्याज के समायोजन में किया जा रहा है। नवंबर 2024 में बैंक प्रबंधन ने कुल 928 महिला खाताधारकों के खाते से पैसे लेकर ऋण की वसूली की गई है। फर्जी ऋण प्रकरणों की संख्या निरंक है और 07 आवेदनों की जाँच में ऋण प्रकरण फर्जी नहीं पाए गए।
जीवन भर कर्जदार रहेंगी महिलाये-

शिकायतों के अनुसार बैंक प्रबंधन ने खाताधारकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उन्हें फर्जी तरीके से लोन जारी किया। बाद में सरकारी की महत्वकांक्षी तोजना महतारी वंदन अंतर्गत प्रत्येक महीने वाले 1000 रुपये से ऋण की वसूली की जा रही है। लोनी महिलाओ द्वारा अब हजारो रुपये लोन का जमा किया जा चूका है उसके बाद भी उनके खातों में 2 हजार से लेकर 62 हजार तक का ऋण शेष है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार ऐसे में महिलाये कभी भी ऋण मुक्त नहीं हो सकेंगी और जीवन भर बैंक प्रबंधन की कर्जदार रहेंगी।
महिला लक्ष्मी नागरिक सहकारी बैंक प्रबंधन पर फर्जी ऋण देकर महतारी वंदन अंतर्गत मिलने वाले 1000 रुपये से वसूली करने की शिकायते थी। पिछले बजट सत्र में विधानसभा सदस्य संगीता सिन्हा ने ध्यानाकर्षण में उठाया था। जिसके बाद विभागीय अफसरों ने जाँच समिति बनाकर जाँच की। बताते है कि जाँच में लीपापोती की गई है, जिसके चलते अधिकारी जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक करने से बच रहे है।
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