स्वतंत्र बोल
रायपुर 28 फरवरी 2025. राजधानी के जिला सहकारी बैंक के विभिन्न ब्रांचो में हुए करोडो के घोटाले पर विशेष ऑडिट टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौप दी है। ऑडिट टीम की प्रारंभिक जाँच में तीन ब्रांचो के करीब 22 अधिकारी और कर्मचारी को घोटाले में शामिल बताया है। जिला सहकारी बैंक रायपुर के सीओडी शाखा, खोरपा (अभनपुर) और खमतराई (गंज) शाखाओ में करीब साढ़े 7 करोड़ रुपये से अधिक का गबन हुआ है जिसमे कुछ पैसे घोटालेबाज कर्मियों ने बैंक में जमा भी कर दिया है। बैंको में हुए करोडो के घोटाले पर पंजीयक सहकारिता ने सात महीने पहले विशेष ऑडिट करने निर्देशित किया था, जिस पर ऑडिट टीम ने करीब सप्ताह भर पहले ऑडिट रिपोर्ट सौपा है।
ऑडिट टीम के अनुसार बैंक में हुए घोटाले में आधा दर्जन से अधिक शाखा प्रबंधक और चेकर-मेकर सहित 20 से अधिक कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। जिन्होंने सरकारी पैसे को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ा। विशेष ऑडिट रिपोर्ट के बाद दोषी कर्मियों पर कार्यवाही होगी।
जाँच भी पूरी-
जिला सहकारी बैंक में हुए करोडो के गबन पर विभागीय जाँच भी पूरी हो चुकी है। स्वतंत्र बोल के सूत्रों के अनुसार सीईओ द्वारा संस्थित विभागीय जाँच में जाँच अधिकारी डीके व्यास, दिलीप साहू और संजीव दीवान ने जाँच पूरी सीईओ को सौप दिया है। सीईओ के निर्देशों के बाद भी करीब साल भर से दोषी कर्मियों की विभागीय जांच के बाद रिपोर्ट सौपा गया है।
सीईओ ने नाम हटाया-
बैंक के मुख्य शाखा सीओडी ब्रांच में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का गबन हुआ है। ये आकंड़ा और भी बढ़ेगा। यहाँ शाखा प्रबंधक सहायक लेखपालों और चेकर मेकर ने करोडो रुपये अपने निजी खातों में ट्रांसफर किया। सहायक लेखापाल और बैंकिग कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष मोहन साहू के खाते में भी 78 लाख से अधिक का राशि ट्रासंफर हुआ था, उसके बाद भी सीईओ अपेक्षा व्यास उसे बचाने ,में जुटी है। बैंकिंग अधिकाकारियो द्वारा की गई प्रारंभिक जाँच में मोहन के खाते में पैसे जाने की पुष्टि हुई है, पर संयुक्त पंजीयक को सीईओ द्वारा भेजे गए पत्र में मोहन साहू का नाम हटा दिया गया था। सीओडी ब्रांच में हुए गबन का मास्टरमाइंड मोहन साहू को ही बताया जाता है, फिर भी सीईओ अपेक्षा व्यास ने मोहन साहू का नाम हटाने की कोशिश की।



