स्वतंत्र बोल
रायपुर 11 मार्च 2025. ठाकुर रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ के मुआवजा में डकैती करने वालो के खिलाफ अब क़ानूनी लड़ाई लड़ेगी। मठ प्रबंधन दोषियों के खिलाफ अपराध दर्ज नहीं होने पर अब परिवाद दाखिल करेगा। मंदिर प्रबंधन के करोडो रुपये मुआवजा में डकैती करने वालो के खिलाफ जल्द कोर्ट में परिवाद दाखिल करेगा। इससे पहले मंदिर प्रबंधन ने स्वर्गीय विश्वनाथ पांडेय की कथित बेटी उमा तिवारी, राजस्व अधिकारियो और जमीन दलालो के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस थाना और एएसपी को ज्ञापन सौपा था, जिस पर अपराध दर्ज नहीं हुआ है।
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मामला ठाकुर रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ के करोडो रुपये के मुआवजा के घोटाले का है, जिसे राजस्व अधिकारियो ने गलत तरीके उमा तिवारी नामक महिला को भुगतान कर दिया था। जिसके बाद से मंदिर प्रबंधन को दोहरा नुकसान हुआ है, एक तो मठ की साढ़े पांच एकड़ जमीन सड़क निर्माण में चली गई तो दूसरी तरफ उसके बदले मिलने वाला मुआवजा भी उमा तिवारी नामक महिला ले गई।
पंजीयक की भूमिका-

सार्वजनिक न्यास अधिनियम में पंजीयक (कलेक्टर) की भूमिका पब्लिक ट्रस्ट के सरंक्षक की होती है, उसके बाद भी धड़ल्ले से मंदिर ट्रस्ट की जमीने बिक गई। मंदिर का करोडो का मुआवजा राजस्व अधिकारी और भूमाफिया डकार गए और पंजीयक सार्वजानिक न्यास मूकदर्शक है। वर्तमान में मंदिर ट्रस्ट का पंजीयक एसडीएम रायपुर शहर है, उन्होंने भी मठ मंदिरो की संपत्ती को सुरक्षित करने जिम्मेदारी नहीं दिखाया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष की भूमिका-

जैतूसाव मठ की जमीनों पर भूमाफियाओ ने कब्ज़ा कर रखा है। मठ की जमीनों पर रिसोर्ट और मेर्रिज पैलेस बन गए और बिल्डर उसमे कॉलोनी बनाने आमादा है। मठ के करोडो के मुआवजे को छद्म नामो में लुटा जा रहा है। सत्यनारायण शर्मा मठ प्रबंधन में साल 1986 से ट्रस्टी है, वर्तमान में वे उपाध्यक्ष है ,, उसके बाद भी ट्रस्टी की सम्पत्तियों का ऐसा बंदरबांट ? आखिर क्या कारण वरिष्ठ कोंग्रेसी नेता सत्यनारायण शर्मा और मंदिर प्रबंधन मंदिर की संपत्तियों में जारी अघोषित लूट को रोक पाने में नाकाम है? स्वतंत्र बोल से ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि
“हमने मुआवजा घोटाले में शामिल राजस्व अधिकाकारियो, जमीन दलालो और उमा तिवारी पर एफआईआर करने आवेदन दिया था, जिस पर अब तक एफआईआर नहीं हुआ। पुलिस को अपराध दर्ज करना था, पर नहीं किये।”
मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था संभाल रहे सचिव महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि
“पुलिस के एफआईआर नहीं करने पर अब घोटाला करने वालो के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल करेंगे, मंदिर की पाई पाई वापस लेंगे।”
