स्वतंत्र बोल
रायपुर 22 नवंबर 2025. राजधानी में साइंस कॉलेज के समीप बनी चौपाटी को अंततः जिला और नगर निगम प्रशासन ने हटा दिया। चौपाटी हटाने सुबह 5 बजे से नगर निगम जिला प्रशासन और पुलिस के जवान बुलडोजर और करें लेकर पहुंचे थे, दुकानदारों और कोंग्रेसी नेताओ के विरोध के बाद भी प्रशासन ने चौपाटी के दुकानों को आमानाका ओवरब्रिज के पास शिफ्ट कर दिया।
दरअसल इस चौपाटी के निर्माण के समय कांग्रेस की सरकार और महापौर ऐजाज ढेबर थे, जिसका विरोध राजेश मूणत ने किया था। राजेश मूणत ने दो दिनों तक लगातार धरना भी दिया था, अब सत्ता परिवर्तन होने के बाद दो सालो संचालित हो रहे चोपटी को हटा दिया गया।
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हटाने की प्रक्रिया महीने भर से चल रहा था,
बताते है कि शुक्रवार देर शाम नगर निगम द्वारा दुकानदारों शाम 06 बजे नोटिस देकर शनिवार सुबह होने वाली कार्यवाही की जानकारी देकर चले गए, जिसके बाद माहौल बन गया। दुकानदार विरोध में रात भर धरना प्रदर्शन किया, उनके समर्थन में कांग्रेस के विधायक रहे विकास उपाध्यय और प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री सुबोध हरितवाल भी आये। विकास चौपाटी पर दुकानदारों के साथ धरना देते रहे तो सुबोध राजेश मूणत के बंगले के सामने रात में ही धरना दिया। जहा कांग्रेसी कार्यकर्ताओ की बीजेपी कार्यकर्ताओ के साथ जमकर विवाद हुआ। इस घटनाक्रम से राजनीती का पारा हाई हो गया है। उधर विधायक राजेश मूणत महापौर मीनल चौबे सहित नगर निगम के एमआईसी सद्यो ने प्रेस वार्ता लेकर स्थिति स्पष्ट की। मूणत ने बताया कि नियमो के विपरीत बनाये गए चौपाटी को हटाया गया है, इसमें राजनीती नहीं होनी चाहिए।

