स्वतंत्र बोल
रायपुर, 16 अप्रैल 2026: रायगढ़ के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। हादसे की दर्दनाक तस्वीरों के बीच अब सरकार की सक्रियता तेज हो गई है, लेकिन सवाल अब भी कायम हैं—आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?
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इसी बीच उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने अस्पतालों का दौरा कर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने शासकीय और निजी अस्पतालों में भर्ती श्रमिकों से मुलाकात की और उनके उपचार की स्थिति को करीब से देखा। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर इलाज में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी को सर्वोत्तम सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
मंत्री ने ग्रामीणों से भी बातचीत कर घटना के बाद की स्थिति को समझने की कोशिश की। वहीं, इलाज करा रहे श्रमिकों ने फिलहाल मिल रही चिकित्सा सुविधाओं पर संतोष जताया, लेकिन उनके चेहरे पर हादसे का खौफ साफ नजर आ रहा था।
बताया गया कि 14 अप्रैल को हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया था। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक समेत पूरी टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घायलों को तत्काल रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों—फोर्टिस, मेट्रो, मेडिकल कॉलेज और अपेक्स—में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर घायलों को रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया।
इस हादसे में अब तक 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 20 की मौत हो चुकी है और 16 घायल हैं, जिनका इलाज जारी है।
मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। साफ संकेत दिए गए हैं कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ श्रम कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
मुआवजे को लेकर भी कई घोषणाएं की गई हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। वहीं, केंद्र की ओर से मृतकों के लिए 2 लाख और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है।
कंपनी प्रबंधन ने भी प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। मृतक श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की सहायता और रोजगार सहयोग देने की बात कही गई है, जबकि घायलों को 15 लाख रुपये तक की सहायता राशि, इलाज के दौरान वेतन और काउंसलिंग सुविधा देने का दावा किया गया है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या जांच के बाद सामने आने वाले सच इस हादसे की असली वजह उजागर करेंगे, या कई जवाब अब भी अनकहे रह जाएंगे।
