स्वतंत्र बोल
रायपुर, 16 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक हलकों में एक ऐसे फैसले ने हलचल पैदा कर दी है, जिसने कई लोगों को चौंका दिया है। रायपुर कमिश्नरेट में तैनात एक युवा आईपीएस अधिकारी को अचानक केंद्रीय एजेंसी में बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
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डीसीपी (ट्रैफिक-प्रोटोकॉल) के पद पर कार्यरत 2020 बैच के आईपीएस विकास कुमार को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में पुलिस अधीक्षक (SP) बनाया गया है। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को राज्य के मुख्य सचिव को आधिकारिक पत्र भेज दिया है।
इस नियुक्ति की सबसे खास बात यह है कि विकास कुमार अपने बैच के पहले ऐसे अधिकारी बन गए हैं, जिन्हें इतनी जल्दी केंद्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। आमतौर पर किसी आईपीएस अधिकारी को NIA जैसी संवेदनशील एजेंसी में SP स्तर की जिम्मेदारी मिलने में 8 से 12 साल का लंबा अनुभव लगता है।
सूत्रों के मुताबिक, इस तरह की तैनाती से यह संकेत मिलता है कि अधिकारी की कार्यशैली और क्षमता पर उच्च स्तर पर भरोसा जताया गया है। हालांकि, इतनी कम अवधि में इस स्तर की जिम्मेदारी मिलना चर्चा का विषय भी बन गया है।
अब नजर इस बात पर टिकी है कि राष्ट्रीय स्तर की जांच एजेंसी में नई भूमिका निभाते हुए विकास कुमार किस तरह के मामलों को संभालते हैं और क्या उनकी यह तैनाती आगे और बड़े फैसलों की ओर इशारा करती है।
