स्वतंत्र बोल
रायपुर 04 मार्च 2025. राजधानी के लक्ष्मी महिला नागरिक सहकारी बैंक में में फर्जी लोन देकर महिलाओ को कर्जदार बनाने की शिकायत पर सहकारिता विभाग के अधिकारियो ने जाँच पूरा कर लिया है। बैंक द्वारा महिलाओ को कर्जदार बनाने का मामला बीते वर्ष बजट सत्र में विधायक ने उठाया था, जिसके बाद सहकारिता विभाग ने जाँच कराया। शिकायत अनुसार बैंक में महिला खाताधारको के आधार कार्ड का उपयोग कर फर्जी लोन जारी किया था, और लोन की वसूली महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से कटौती कर की जा रही थी। महिला खाताधारकों के साथ हुए धोखधड़ी पर सदन में सवाल पूछे जाने पर पंजीयक सहकारिता विभाग ने जाँच समिति बनाकर रिपोर्ट माँगा था। समिति ने तीन महीने पहले रिपोर्ट सौप दिया है। विभागीय अधिकारियो के अनुसार दस्तावेजों का उपयोग कर फर्जी लोन देने की शिकायत झूठी पाई गई है। बैंक में 07 महिला खाताधारकों को लोन लेने की पुष्टि हुई है।
जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं-
पंजीयक के निर्देशों पर संयुक्त पंजीयक देवी प्रसाद टावरी ने तीन सदस्यीय समिति बनाकर जाँच कराया था। जाँच समिति में शामिल रितेश टांडी, पीसी ध्रुव और आकांक्षा उइके ने बैंक में जाकर बैंक प्रबंधन और महिला खाताधारकों से बयान दर्ज किया था। आठ महीनो की लंबी जाँच के बाद समिति ने संयुक्त पंजीयक को रिपोर्ट सौप दिया है। एक तरफ सहकारिता विभाग के अधिकारी शिकायतों को झूठा और निराधार बता रहे तो दूसरी तरफ जाँच रिपोर्ट को सार्वजानिक करने से बच रहे है। सूचना के अधिकार अंतर्गत जानकारी नहीं दी जा रही है। जिसके बाद जांच रिपोर्ट पर सवालों में है, अधिकारियो के अनुसार जब सब सही है तो आखिर संयुक्त पंजीयक टावरी जाँच प्रतिवेदन देने से क्यों बच रहे। बैंक सूत्रों के अनुसार जाँच में बड़ा खेला हुआ है, जाँच अधिकारियो ने जाँच के दौरान खूब मेहमान नवाजी कराने की चर्चा है।
एक ही महिला वर्षो से अध्यक्ष-

राजधानी के मिलेनियम प्लाजा में संचालित लक्ष्मी महिला नागरिक सहकारी बैंक में वर्षो से सत्यबाला अग्रवाल अध्यक्ष है। उनके साथ बैंक में 17 संचालक है। महिलाओ के नाम पर शुरू हुए बैंक में महिलाओ का किया जा रहा है।
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