कभी विकास की राह में थी खाई, अब बना उम्मीदों का पुल! CM साय ने देखा बस्तर की बदलती तस्वीर

रायपुर। बस्तर के जिन इलाकों को कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और कमजोर कनेक्टिविटी के कारण विकास से दूर माना जाता था, वहां अब बदलाव की नई कहानी लिखी जा रही है। बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र कोण्डापल्ली में बना आधुनिक बेली ब्रिज आज सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और सुशासन का प्रतीक बनकर उभरा है।

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प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंगलवार को कोण्डापल्ली पहुंचे और बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर निर्मित बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुल की निर्माण तकनीक, उपयोगिता और क्षेत्रीय विकास में उसकी भूमिका की जानकारी ली।

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मुख्यमंत्री बोले- विकास का रास्ता गांवों तक पहुंचना चाहिए

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क, पुल और आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि ये शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने वाले मजबूत माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते बस्तर की तस्वीर अब नई संभावनाओं और मजबूत बुनियादी ढांचे के रूप में सामने आ रही है।

एक महीने में तैयार, लागत भी बेहद कम

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि भारतीय सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित यह बेली ब्रिज बीजापुर-पूवर्ती सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

विशेषज्ञों के अनुसार बेली ब्रिज पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक मजबूत, टिकाऊ और किफायती होते हैं। इन्हें सामान्य पुलों की अपेक्षा लगभग पांच गुना कम लागत में तैयार किया जा सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि जहां पारंपरिक पुलों के निर्माण में लंबा समय लगता है, वहीं बेली ब्रिज का निर्माण लगभग एक माह में पूरा किया जा सकता है।

दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए यह तकनीक बेहद प्रभावी मानी जा रही है।

बीजापुर में 21 बेली ब्रिज बदल रहे तस्वीर

जानकारी के अनुसार बीजापुर जिले में अब तक 21 बेली ब्रिजों का निर्माण किया जा चुका है। इन पुलों के बनने से दूरस्थ गांवों तक आवागमन आसान हुआ है और लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में बड़ी राहत मिली है।

इन संरचनाओं ने न केवल ग्रामीणों का सफर आसान किया है, बल्कि प्रशासनिक सेवाओं और विकास योजनाओं की पहुंच भी तेज कर दी है।

श्रमिकों की मेहनत को मुख्यमंत्री ने सराहा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुल निर्माण में जुटे श्रमिकों और युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के विकास की असली नींव इन्हीं मेहनतकश हाथों ने रखी है। उन्होंने श्रमिकों से बातचीत कर उनके अनुभव भी जाने और उनका उत्साहवर्धन किया।

बस्तर में विकास की नई पहचान बना कोण्डापल्ली

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोण्डापल्ली का यह बेली ब्रिज केवल लोहे और स्टील की संरचना नहीं है, बल्कि यह उस नए बस्तर का प्रतीक है जहां विकास अब दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों को पार कर लोगों के जीवन तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा बस्तर बनाना है जहां हर गांव सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाओं से जुड़ा हो। कोण्डापल्ली का यह पुल उसी दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है।