कलेक्टर ने नहीं की कार्यवाही: एक दूसरे को बचाने में जुटे अधिकारी, निभाई रिश्तेदारी.. जाँच के नाम पर हो रही खानापूर्ति !

स्वतंत्र बोल
रायपुर 28 दिसंबर 2023.  भारत माला परियोजना में भू अर्जन और मुआवजा वितरण में बड़ी गड़बड़ी की गई। अधिकारियो ने जमीं दलालो के मिलीभगत कर घोटाला किया, और उन्हें उच्चाधिकारियों का सरंक्षण मिलता रहा। अभनपुर ब्लॉक में भू अर्जन और मुआवजा वितरण में गड़बड़ी की पुष्टि एसडीएम की जाँच में होने के बाद भी कलेक्टर डॉ सर्वेश भूरे द्वारा कार्यवाही नहीं की गई, उल्टे दोबारा जाँच और सीमांकन के लिए दूसरे एडीएम को दे दिया। इस तरह कलेक्टर भी गड़बड़ी में शामिल राजस्व अफसरों को बचाने में जुटे रहे।

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जाँच अधिकारी एडीएम बीसी साहू द्वारा जाँच रिपोर्ट में तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू, राजस्व निरीक्षक रोशन वर्मा और पटवारी योगेंद्र देवांगन को जिम्मेदार ठहराया गया था। एसडीएम साहू ने 19 जुलाई को जाँच रिपोर्ट कलेक्टर डॉ सर्वेश भूरे को सौपा था, जिस पर तत्काल कलेक्टर द्वारा कार्यवाही किया जाना था, पर कलेक्टर डॉ भूरे ने कार्यवाही ना कर दोबारा जाँच और सीमांकन के लिए दूसरे अपर कलेक्टर एनआर साहू को लिख दिया, जबकि नियमानुसार राजस्व अधिकारियो पर निलंबन के साथ विभागीय कार्यवाही संस्थित की जानी थी।
जाँच के नाम पर खानापूर्ति जारी-
सिस्टम में जाँच और कार्यवाही की बानगी देखिये। कलेक्टर के आदेशों पर संविदा पदस्थ एडीएम एनआर साहू ने दोबारा जाँच शुरू किया और लिखा कि “तत्कालीन अनिविभागीय अधिकारी से जवाब लिया जाना उचित होगा और राजस्व निरीक्षक व पटवारी की संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें scn जारी किया जाना उचित होगा। राजस्व अधिकारियो का संयुक्त जाँच दाल गठित कर भू स्वमेयो की भूमि का सीमांकन कराया जाए और यही आवेदक की भूमि सड़क निर्माण में प्रभावित हो रही हो भू अर्जन के लिए पूरक प्रकाशन किया जाए।” पर महीनो बाद बाद भी आरआई और पटवारी को ना नोटिस जारी हुआ ना ही कोई कार्यवाही की गई। इस दौरान तत्कालिन संयुक्त कलेक्टर निर्भय साहू अपर कलेक्टर पदोन्नत हो गए।
इस पूरे प्रकरण में अधिकारी एक दूसरे को बचाने में जुटे हुए है। बताते है कि तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू अभनपुर के पूर्व विधायक धनेन्द्र साहू के करीबी है तो एडीएम एडीएम एनआर साहू करीबी रिश्तेदार.. जिसके चलते ही कागजो में जाँच की खानापूर्ति की जा रही है।

 

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