‘भारत माला’ मुआवजा घोटाला: तत्कालीन कलेक्टर की भूमिका, रोका जा सकता था घोटाला… राजस्व अधिकारी और भूमाफियाओ पर FIR की मांग।

स्वतंत्र बोल
रायपुर 05 मार्च 2025.  केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण सड़क परियोजना भारत माला में जमीन अधिकग्रह के मुआवजा वितरण में भ्रष्टाचार करने वाले तत्कालीन एसडीएम और तहसीलदार को सस्पेंड किया गया है। भारत माला परियोजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण सड़क परियोजना है, जिसके निर्माण और मुआवजा वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी। राजस्व अधिकारियो और भूमाफियाओ के सिंडिकेट ने सरकारी खजाने को 300 करोड़ रुपये का चपत लगाया।

मुआवजा वितरण में भ्रष्टाचार, एसडीएम जिम्मेदार: राजस्व अधिकारियो और जमीन दलालो का सिंडिकेट, जाँच में फूटा बड़ा घोटाला

अधिकरियो ने मुआवजा में खेला करने 32 खसरो को छोटे छोटे टुकड़ो में बांटकर करीब 272 करोड़ रुपये का घपला किया है, जिसमे तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू, तहसीलदार रहे शशिकांत कुर्रे, नायब तहसीलदार रहे लखेश्वर किरण, पटवारी जीतेन्द्र साहू, दिनेश पटेल और लेखराम देवांगन को सस्पेंड किया है।  भारत माला परियोजना में साल 2020 से 2023 के बीच घोटाला हुआ, जिसमे बड़ी जमीनों को छोटे रकबा में बांटकर सरकारी खजाने को चुना लगाया गया है।

कलेक्टर की भूमिका-

  

भारत माला परियोजना के मुआवजा वितरण में गड़बड़ी कांग्रेस शासनकाल में हुआ। एसडीएम निर्भय साहू साल 2020 से 2023 तक अभनपुर सब डिवीजन में पोस्टेड रहा, इन चार सालो में ही घोटाला हुआ है। बड़ी जमीनों को छोटी कर करोडो का मुआवजा बांटा गया तो दूसरे व्यक्तियों का मुआवजा भी अपने परिचितों को बाँट दिया था। मुआवजे में गड़बड़ी को लेकर सैकड़ो किसानो ने तत्कालीन कलेक्टर को ज्ञापन सौपा था। मुआवजा में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की शिकायते रही, पर शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। शिकायत पर तत्कालीन एडीएम ने जाँच कर रिपोर्ट कलेक्टर रायपुर के माध्यम से रिपोर्ट शासन को भेजा था, पर साल भर तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। केंद्रीय सतर्कता आयोग की टीम ने लगातार जवाब तलब किया तो कलेक्टर ने साल भर बाद जाँच रिपोर्ट शासन को भेजा। इस पूरे घोटाले में तत्कालीन कलेक्टर डॉ सर्वेश भूरे की भूमिका संदिग्ध है।

FIR क्यों नहीं-

 

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शासन को करोडो का चूना लगाकर शासकीय धन का बंदरबांट करने वाले अधिकारियो पर डेढ़ साल बाद कार्यवाही हुई है। शासकीय धन का अपव्यय करने वाले कर्मियों पर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। साल 2021 में सीनियर बीजेपी नेता चंद्रशेखर साहू और गौरीशंकर श्रीवास ने मुआवजा वितरण में घोटाले का खुलासा किया था। बीजेपी नेता गौरीशंकर श्रीवास ने सोशल मीडिया में लिखा कि

“भारतमाला परियोजना में अरबो के मुआवजा घोटाले के मास्टर माइंड जमीन दलाल हरमीत खनूजा तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी शशिकांत कुर्रे सूरज साहू आज भी सिस्टम में बैठकर अपने कारनामो को अंजाम दें रहे है। राज्य सरकार तत्काल इन पर FIR दर्ज कर कार्यवाही सुनिश्चित करे।”

 

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