सीमा हैदर को लेकर बड़ा फैसला: पाकिस्तान नहीं भेजी जाएंगी
भारत ने सीमा हैदर को पाकिस्तान वापस न भेजने का निर्णय लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि सीमा हैदर ‘उन व्यक्तियों की श्रेणी में नहीं आती हैं जिन्हें पाकिस्तान वापस भेजा जाना है।’
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गौरतलब है कि सीमा हैदर नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थीं और यहां आकर भारतीय नागरिक सचिन मीना से विवाह किया। चूंकि सीमा वीजा धारक नहीं हैं, इसलिए वे वीजा नियमों के तहत भी नहीं आतीं। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार ने हाल ही में सभी राज्यों को पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने का निर्देश दिया था, खासकर 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद।
सीमा हैदर का कानूनी पक्ष
सीमा हैदर के वकील अदालत में यह दलील दे रहे हैं कि भारतीय नागरिक से विवाह करने के चलते अब सीमा की राष्ट्रीयता पाकिस्तानी नहीं मानी जानी चाहिए। उनका तर्क है कि “शादी के बाद महिला की राष्ट्रीयता पति के आधार पर तय होती है।” इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश प्रशासन ने सीमा के भारत में जन्मे बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया है, जिसमें मां के रूप में सीमा और पिता के रूप में सचिन मीना का नाम दर्ज है।
उत्तर प्रदेश में पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी अभियान
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरी प्रक्रिया की व्यक्तिगत निगरानी की। राज्य सरकार के मुताबिक, “मुख्यमंत्री योगी के निर्देशों के चलते उत्तर प्रदेश, सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।” एक विशेष पुलिस टीम द्वारा यह कार्यवाही पूरी की गई। वर्तमान में केवल एक पाकिस्तानी नागरिक राज्य में बचा है, जिसे शीघ्र ही वापस भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, स्पष्ट किया गया है कि यह व्यक्ति सीमा हैदर नहीं हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी
राज्य की सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभागों ने 75 जिलों में अभियान चलाकर पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान और वापसी सुनिश्चित की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठकों में अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो गई है।
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