स्वतंत्र बोल
रायपुर 15 फरवरी 2026. महिला बाल विकास के हाल ही संपन्न हुए सामूहिक विवाह समारोह में टेंडर प्रक्रिया और गड़बड़ी को लेकर विभागीय अधिकारियो ने मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े की किरकिरी करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, और एक बार फिर घोटाले का ठीकरा मंत्री बंगले पर फूटा।
दरअसल 10 फरवरी को प्रदेश भर में एक साथ सामूहिक विवाह कराने का आदेश बड़े ऑफिस से जारी हुआ था, जिसके लिए तैयारी महीने भर से चल रहा था, हर साल होने वाले इस आयोजन में विभागीय अधिकारी अपने हिस्से का जुगाड़ पहले ही कर लेते है और इस बार भी वही हुआ। कार्यक्रम के टेंट पंडाल का ठेका बिलासपुर के अभिषेक टेंट हाउस के अभिषेक अग्रवाल को दिया गया जो विवाद का कारण बना। विभागीय सूत्र बताते है कि विभाग में व्यापक इंटरप्राइजेस और श्री साई इवेंट्स वर्षो से काम कर रहे है, दोनों ने करोडो रुपये का काम किया है। इस बार दोनों ही कंपनियो को पुरे आयोजन से बाहर कर दिया गया, जिसके बाद इस टेंडर घोटाले की फाइल पब्लिक डोमेन में आ गई।
कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल ने मीडिया को जारी बयानों में साफ़ कहा कि अभिषेक अग्रवाल को मंत्री बंगले के केदार और विपुल के कहने पर काम दिया गया। जानकारी अनुसार अभिषेक टेंट हाउस को काम मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े के बंगले से मैनेज किया गया था। वहा के केदार रजवाड़े और विपुल अग्रवाल ने व्यापक इंटरप्राइजेस और श्री साई इवेंट्स को काम ना देकर बिलासपुर के अभिषेक टेंट हाउस का अभिषेक किया और खेल यही बिगड़ गया। मामला बिगड़ने पर जिला महिला बाल विकास अधिकारी शैल ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग को पत्र लिख डैमेज कंट्रोल की कोशिश की, पर रायता इतना फैला कि समेटने का समय नहीं मिला।
अभिषेक टेंट पर मेहरबानी-

महिला बाल विकास में व्यापक इंटरप्राइजेस और श्री साई इवेंट्स वर्षो से काम कर रहे है। कांग्रेस सरकार में हुए तीजा पोरा, मजदुर दिवस और अन्य बड़े काम इन्ही दोनों कंपनियों को मिलता रहा। समय बदला तो अभिषेक अग्रवाल की विभाग में एंट्री हुई और दोनों कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार विभाग से अरबो कमाने वाले कंपनियों ने टेंडर घोटाले से संबंधित दस्तावेज कांग्रेस नेता और मीडिया को उपलब्ध कराये। जिससे मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े की किरकिरी हुई और जिम्मेदार अधिकारी दामन बचाने में जुटे रहे। इस किरकिरी के बाद अब श्री साईं इवेंट्स और व्यापक को विभाग में एंट्री मिलना मुश्किल हो सकता है।



