स्वतंत्र बोल
रायपुर/दिल्ली 01 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ की रेल व्यवस्था को लेकर एक बार फिर संसद में मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया है। राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने शून्यकाल के दौरान प्रदेश में जरूरी रेल सुविधाओं की कमी पर सवाल खड़े करते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिससे आने वाले समय में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। सांसद ने कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों को मजबूत रेल नेटवर्क से जोड़ना बेहद जरूरी है। इसके लिए पेंड्रा रोड-अमरकंटक-डिंडोरी-मंडला-घंसौर-लखनादौन-गोटेगांव (श्रीधाम) नई रेल लाइन परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।
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उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित रेल मार्ग अमरकंटक और नर्मदा क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, साथ ही क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार देगा। इतना ही नहीं, यह लाइन इटारसी जंक्शन के माध्यम से दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े महानगरों से बेहतर कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित करेगी। सांसद ने बिलासपुर को CTCE Plan-2030 में शामिल करने की मांग दोहराते हुए रायपुर-सिकंदराबाद (12771/72) और नागपुर-मुंबई दुरंतो (12290) ट्रेन का विस्तार बिलासपुर तक करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यह मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
इसके अलावा, कोरबा-बीकानेर एक्सप्रेस का संचालन जल्द शुरू करने, कोरबा स्टेशन की तैयार पिटलाइन को तत्काल चालू करने और कोरबा से नई दिल्ली के बीच सीधी ट्रेन चलाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। सांसद फूलोदेवी नेताम ने स्पष्ट कहा कि यदि इन लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जाता है, तो न केवल रेल सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। अब देखना होगा कि संसद में उठी यह आवाज जमीनी हकीकत में कब बदलती है।
