एक मंच पर दिखे तो होगी कार्रवाई… कांग्रेस का सख्त फरमान, बीजेपी नेताओं से दूरी नहीं रखी तो मचेगा बवाल

स्वतंत्र बोल
रायपुर 04 अप्रैल 2026:
छत्तीसगढ़ की सियासत में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब कांग्रेस की ओर से एक ऐसा आदेश जारी हुआ जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। इस आदेश में पार्टी नेताओं को साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि वे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ किसी भी मंच या कार्यक्रम में नजर नहीं आएंगे।

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रायपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष पप्पू बंजारे की ओर से जारी इस निर्देश में कहा गया है कि कांग्रेस के कोई भी नेता या कार्यकर्ता किसी भी कार्यक्रम, समारोह या सार्वजनिक मंच पर भाजपा नेताओं के साथ शामिल नहीं होंगे। पार्टी ने इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है।

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इस आदेश के सामने आने के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने और राजनीतिक संदेश देने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है। हालांकि, इस फैसले ने कांग्रेस के अंदरूनी हालात को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

वहीं, इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। राजनांदगांव से भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने इस फैसले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि यह “रोका-छेका” की राजनीति है और इससे साफ जाहिर होता है कि पार्टी के अंदर भगदड़ मची हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं को बांधकर रखना चाहती है, जिससे उनकी स्वतंत्रता पर असर पड़ रहा है।

कुल मिलाकर, यह आदेश अब सिर्फ एक निर्देश नहीं रह गया है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सियासत में एक नए विवाद की शुरुआत बनता नजर आ रहा है, जहां आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और भी तेज हो सकता है।