स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 30 जनवरी 2025. मध्यम वर्गीय परिवार का अपना घर बनाने का सपना बड़ा ही चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। मेट्रो सिटी ही नहीं अन्य शहरों में अपार्टमेंट की कीमत आसमान छू रही है। ऐसे में किफायती घरों को लेकर आम इंसान की उम्मीदें केंद्र सरकार के बजट पर टिकी हुई है।
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बता दें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करने वाली हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मध्यम वर्ग को किफायती आवास के लिए सरकार कोई प्रवाधान करेगी? क्या आम इंसान का सस्ते घर का सपना पूरा होगा? आइए जानते हैं केंद्र सरकार से रियल एस्टेट सेक्टर को क्या उम्मीदें हैं?
बता दें पिछले साल सरकार के बजट का उद्देश्य मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदने की प्रक्रिया को सरल बनाना था और इस साल लोगों की उम्मीद है कि सरकार ऐसा कुछ करें जिससे उनका घर खरीदने का सपना पूरा हो सके।
Union budget 2025:बजट से रियल एस्टेट सेक्टर को क्या हैं उम्मीदें?
बता दें पिछले कुछ वर्षों में जमीन और घर बनाने की सामग्री की कीमतों में तेजी से इजाफा हुआ है, जिस कारण घर खरीदारों की रुचि कम हो गई है। ऐसे में रियल स्टेट सेक्टर की डिमांड है कि केंद्र सरकार किफायती घर बनाने पर ध्यान दें। वित्त मंत्री के बजट में रियल एस्टेट सेक्टर किफायती आवास के लिए मौद्रिक सीमा बढ़ाने (monetary limit) और टैक्स में रियायत चाहता है।
Union budget 2025:कैसे सस्ता घर खरीदने का सपना होगा पूरा?
रियल स्टेट एक्सपर्ट की सलाह है कि अभी जब किफायती घरों की सख्त जरूरत है कि तो ऐसे में घर खरीदारों के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना शुरू करना एक समाधान हो सकता है, जिससे अधिक लोग कम कीमतों पर घर खरीद सकेंगे। इस तरह के उपाय रियल एस्टेट बाजार को पुनर्जीवित करने के लिए जरूरी है।
Union budget 2025:इनकम टैक्स कानून में ढील
विशेषज्ञों की सलाह है कि रियल स्टेट सेक्टर की वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सरकार को इनकम टैक्स कानूनों में ढील देने पर भी विचार करना चाहिए। होम लोन ब्याज पर वर्तमान कर छूट सीमा, जो 2 लाख रुपये है, बढ़ती ब्याज दरों और घर की कीमतों के बावजूद वर्षों से अपरिवर्तित बनी हुई है। इस सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने से मांग में काफी वृद्धि हो सकती है।
Union budget 2025:जीएसटी में संशोधन
सरकार रियल एस्टेट क्षेत्र में मांग को प्रोत्साहित करने के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में संशोधन करने पर भी विचार कर सकती है। किफायती आवास को बढ़ावा देने के प्रयासों के साथ-साथ इस तरह के समायोजन, प्रधानमंत्री आवास योजना का विस्तार करने सहित विभिन्न रूपों में प्रकट हो सकते हैं।
बजट 2025 से पहले के सर्वेक्षण में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि “इन कर छूटों को पुनर्जीवित करने से डेवलपर्स को इस क्षेत्र में काम करने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है, जो सरकार के महत्वाकांक्षी ‘सभी के लिए आवास’ मिशन को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।”
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