स्वतंत्र बोल
रायपुर 21 जून 2025. ठाकुर रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ को लेकर स्वतंत्र बोल द्वारा शुरू की गई मुहीम का असर होना शुरू हो गया है। भगवान् की जमीनों का बंदरबांट करने वाले राजस्व अधिकारियो और जमीन कारोबारियों भगवान् की लाठी पड़ेगी। राजधानी के तत्कालीन तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने जैतूसाव मठ के धरमपुरा और दतरेंगा स्थित 50 एकड़ से अधिक जमीनों का घालमेल किया है, दतरेंगा की जमीन 50 साल बाद कथित किसान खड़े कर अविनाश बिल्डर को दे दिया गया, तो धरमपुरा की जमीनों पर एक आईएएस अधिकारी सहित कई लोगो ने कब्ज़ा कर लिया है। रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कांवरे ने जैतूसाव मठ के तत्कालीन महंत रहे रामभूषण दास के उस वसीयत को ख़ारिज कर दिया है और कहा कि महंत को वासियत करने का अधिकार नहीं है। जिसके बाद रामभूषण दास के वसीयत के आधार पर करीब 12.86 हेक्टेयर जमीन को आशीष तिवारी उर्फ़ महंत राम आशीष दास के नाम पर हुई थी वह ख़ारिज हो गई है और अब वापस भगवन रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ के नाम पर हो जाएगी। इस आदेश से आशीष तिवारी को झटका पंहुचा है, इससे पहले ऐसा ही आदेश एसडीएम नंदकुमार चौबे ने जनवरी 2025 को जारी किया था।
आशीष तिवारी की भूमिका-
आशीष तिवारी रिश्ते में पूर्व न्यासी जैतूसाव मठ रामभूषण दास के सगे भांजे है और आपत्तिकर्ता रामविकास दास ुर्ग विकास तिवारी सगे भतीजे है। मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन से महेंद्र अग्रवाल ने स्वयं को सचिव बताया है। आयुक्त कोर्ट ने पाया कि महंत लक्ष्मीनारायण दास की मृत्यु के उनके नाम के चल और अचल संपत्तियां रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ की माने जाने का व्यवस्था पत्र अनुसार माना गया है। यही आदेश एसडीएम कोर्ट ने 1 जनवरी 2025 को दिया था जिसे आयुक्त कोर्ट में आशीष तिवारी उर्फ़ रामअशीष दास ने दिया था। जिस पर आयुक्त कोर्ट ने किसी भी राहत ना देते हुए एसडीएम कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट के आदेशों के बाद जैतूसाव मठ के दूसरे धड़े में ख़ुशी है।
तहसीलदार की भूमिका-
इस पुरे प्रकरण में राजधानी के तत्कालीन तहसीलदार अजय चंद्रवंशी की भूमिका शासन के विपरीत रही। एसडीएम कोर्ट और आयुक्त कोर्ट से जारी आदेशों के अनुसार चंद्रवंशी ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर से जाकर आदेश पारित किया, जबकि मंदिर ट्रस्ट का प्रबंधक कलेक्टर है ,उसके बाद भी कलेक्टर का नाम हटाकर जमीने दूसरे के नाम पर चढ़ा दी गई। अजय चंद्रवंशी वर्तमान में गरियांबंद जिले के राजिम तहसील में पदस्थ बताये जाते है।


