स्वतंत्र बोल
रायपुर 18 जून 2025. राजधानी के प्राचीन ठाकुर रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ के बाद नागरीदास मंदिर ट्रस्ट की जमीनों को खुलेआम बेचा और कब्ज़ा किया जा रहा है। नागरीदास मंदिर ट्रस्ट की रायपुर बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग चरौदा में करीब डेढ़ सौ एकड़ से अधिक जमीने है, जिस पर खेती होती है। हाइवे में साढ़े 11 एकड़ जमीन पर जय जगदीश ट्रांसपोर्ट कम्पनी के संचालक ने कब्ज़ा कर रखा है। ट्रांसपोर्ट संचालक खेती की जमीनों पर मुरम पाटकर चारो तरफ से बॉउंड्री वाल कर पार्किंग यार्ड बना दिया है। इस जमीन की कीमत वर्तमान में करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक है।
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दस्तावेजो के अनुसार पार्किंग यार्ड बनाने ट्रासंपोर्ट कंपनी के संचालक ने मंदिर ट्रस्ट से जमीन की मांग किया था। ट्रांसपोर्टर ने बेशकीमती जमीन को 30 सालो लीज माँगा है जिसके बदले में मंदिर ट्रस्ट को प्रति एकड़ 20 हजार रुपये के हिसाब से सालाना 2 लाख 20,000 हजार रुपये देंगे। ट्रांसपोर्टर के आवेदन पर सहमति देते हुए वरिष्ठ कोंग्रेसी नेता और मंदिर के वरिष्ठ ट्रस्टी सत्यनारायण शर्मा ने पंजीयक सार्वजानिक न्यास एसडीएम को अभ्यावेदन सौप दिया कि उक्त जमीन जमीन ट्रांसपोर्टर को दिया जाए, मंदिर ट्रस्ट को आपत्ति नहीं है।
श्री शर्मा के अभ्यावेदन पर पंजीयक सार्वजानिक न्यास ने ईश्तहार जारी किया तो आधा दर्जन भगवत्प्रेमियो ने आपत्ति किया है। 
ट्रस्ट को करोडो का नुकसान-
ठाकुर रामचंद्र स्वामी को सैकड़ो एकड़ सम्पत्ति भक्तो ने पूर्व में दान किया था, जिसे ट्रस्टी अब बेच रहे है। नागरीदास मंदिर ट्रस्ट की राजधानी के आसपास सैकड़ो एकड़ जमीने है जिस पर खेती होती है। आरंग क्षेत्र में इन जमीनों पर क्रेशर प्लांट खुल गया है। इससे पहले जैतूसाव मठ की साढ़े 17 एकड़ जमीन को अघोषित रूप से अविनाश बिल्डर को बेच दिया गया है।

