रायपुर। छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा और केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार से जुड़े कथित भूमि खरीद मामले से लेकर राम मंदिर चंदा विवाद और इमरजेंसी पर जारी सियासी बहस तक, पायलट ने कई मुद्दों पर भाजपा को घेरते हुए तीखे सवाल खड़े किए।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा उज्जैन में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदने के कथित खुलासे पर प्रतिक्रिया देते हुए सचिन पायलट ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि जब किसी मुख्यमंत्री और उनके परिवार का नाम जमीन से जुड़े बड़े विवाद में सामने आता है, तो जनता को स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए।
पायलट ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भ्रष्टाचार, नैतिकता और पद के दुरुपयोग की बात आती है, तब भाजपा का रवैया बदल जाता है। उन्होंने कहा कि मीडिया में इतने बड़े आरोप सामने आने के बावजूद अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चर्चित नारे “न खाऊंगा, न खाने दूंगा” का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा हालात उस दावे के विपरीत दिखाई देते हैं।
राम मंदिर चंदा प्रकरण पर भी सचिन पायलट ने कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर जुटाए गए चंदे में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या धन के दुरुपयोग के आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम पर राजनीति करने वाले दलों को ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए। पायलट ने आरोप लगाया कि अब तक न तो राज्य सरकार और न ही केंद्र सरकार ने इस मामले में कोई ठोस जांच कराई है।
कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर को लेकर भाजपा की ओर से की जा रही टिप्पणियों पर भी पायलट ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को कांग्रेस की चिंता छोड़कर जनता से किए गए अपने वादों पर ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस 135 साल पुरानी पार्टी है और नए जिला अध्यक्षों को लोकतांत्रिक मूल्यों, संगठनात्मक मजबूती तथा भाजपा की कथित भ्रामक राजनीति का मुकाबला करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
वहीं, एनसीईआरटी की कक्षा 9 की पुस्तक में इमरजेंसी से जुड़ा नया अध्याय शामिल किए जाने और भाजपा द्वारा संविधान हत्या दिवस तथा काला दिवस मनाने के मुद्दे पर भी पायलट ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इतिहास को अलग-अलग नजरिए से देखा जा सकता है, लेकिन भाजपा की सरकारें अक्सर इतिहास, साहित्य और पाठ्य पुस्तकों को अपने दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने की कोशिश करती हैं।
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश को केवल अतीत की घटनाओं पर नहीं, बल्कि वर्तमान में लोकतंत्र के सामने खड़ी चुनौतियों पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जिस तरह के सवाल आज उठ रहे हैं, वैसी स्थिति पहले कभी देखने को नहीं मिली।


