स्वतंत्र बोल
रायपुर, 12 जून 2026: फिल्में और डॉक्यूमेंट्री केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम हैं। यह बात राज्यपाल रमेन डेका ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के सम्मान समारोह में कही। कार्यक्रम का आयोजन रायपुर के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि आदिकाल से ही मनुष्य विभिन्न माध्यमों के जरिए अपने विचार और संदेश समाज तक पहुंचाता रहा है। समय के साथ नाटक, रेडियो, टेलीविजन और अब डिजिटल प्लेटफॉर्म ने इस भूमिका को और अधिक व्यापक बना दिया है। उन्होंने कहा कि सिनेमा का मूल उद्देश्य केवल व्यवसाय या मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देना और जागरूक बनाना भी रहा है।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारतीय सिनेमा की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि फिल्मों ने हमेशा सामाजिक चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आज भी ऐसी फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की जरूरत है जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।
राज्यपाल डेका ने बस्तर का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ उल्लेखनीय सफलता मिली है। ऐसे में फिल्म निर्माताओं को चाहिए कि वे बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और सकारात्मक बदलावों को देश-दुनिया के सामने लाएं, ताकि क्षेत्र की नई पहचान स्थापित हो सके।
उन्होंने कहा कि लोककला, लोकगीत, जनजातीय परंपराएं और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने में डॉक्यूमेंट्री फिल्मों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कलाकारों और फिल्म निर्माताओं को इन विषयों पर अधिक कार्य करना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने मोबाइल फोन की बढ़ती लत को भी गंभीर सामाजिक चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि बच्चे खेल के मैदानों और रचनात्मक गतिविधियों से दूर होते जा रहे हैं, जिसका असर उनके व्यक्तित्व और सृजनात्मक क्षमता पर पड़ रहा है। उन्होंने कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं से नई पीढ़ी को कला, संगीत, नाटक और नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का आग्रह किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित डॉक्यूमेंट्री फिल्मों ‘छत्तीसगढ़ के भीम दाऊ चिंताराम’, ‘हैप्पी बर्थडे’ और ‘स्क्रीन’ के निर्माता-निर्देशकों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन ने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा ने आभार व्यक्त किया। समारोह में विधायक पुरंदर मिश्रा, विभिन्न डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के निर्माता-निर्देशक, कलाकार तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


