जंगलों में छिपे थे खूंखार चेहरे… अचानक टूट गई हिम्मत, एक साथ 5 नक्सलियों का सरेंडर, बड़े नेटवर्क पर खतरे की घंटी

स्वतंत्र बोल
जगदलपुर 10 अप्रैल 2026:
जगदलपुर से आई इस बड़ी खबर ने नक्सल मोर्चे पर चल रही लड़ाई की दिशा बदलने के संकेत दे दिए हैं। People’s Liberation Guerrilla Army से जुड़े 5 नक्सलियों ने आंध्रप्रदेश के Alluri Sitharama Raju district में आत्मसमर्पण कर दिया है। इन नक्सलियों में एक DVCM रैंक का सदस्य, तीन ACM/PPCM रैंक के सदस्य और एक कैडर शामिल है, जिन पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।

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जानकारी के अनुसार, ये सभी लंबे समय से छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर इलाके में सक्रिय थे और सीमावर्ती राज्यों में भी अपनी गतिविधियां चला रहे थे। इनका नाम कई हिंसक घटनाओं और लाल आतंक फैलाने में सामने आता रहा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से इनकी तलाश में थीं।

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इस पूरे घटनाक्रम पर एसपी Amit Bardar ने बताया कि लगातार चल रहे सुरक्षा अभियान, खासकर “ऑपरेशन कागर”, और सरकार की पुनर्वास नीति ने इन नक्सलियों को हथियार डालने पर मजबूर कर दिया। DVCM रैंक के सदस्य पर 3 लाख रुपये और ACM रैंक के सदस्यों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

सूत्रों के मुताबिक, बस्तर और आसपास के इलाकों में चल रहे तेज ऑपरेशन का असर अब राज्य की सीमाओं के बाहर भी दिखने लगा है। इस आत्मसमर्पण को सिर्फ संख्या के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि यह नक्सली संगठन के ढांचे पर एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका माना जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह शुरुआत भर है। जिस तरह से दबाव बढ़ रहा है, आने वाले समय में और भी बड़े सरेंडर हो सकते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह लाल आतंक के खात्मे की शुरुआत है, या फिर जंगलों में अभी और भी खतरनाक साजिशें छिपी हुई हैं?