बाल विवाह रोकने आयोग सजग, जिला अधिकारियो को आयोग अध्यक्ष ने जारी किया निर्देश।

स्वतंत्र बोल
रायपुर 12 अप्रैल 2026.  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो में अक्षय तृतीया में संभावित बाल विवाह को रोकने महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियो के साथ विस्तार से समीक्षा की। आयोग की अध्यक्ष डाॅ. वर्णिका शर्मा ने सभी अधिकारियो को मुस्तैदी से बाल विवाह रोकने के निर्देश दिए। डॉ शर्मा ने इस संबंध में आम लोगो को जागरूक करने, प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए ।

वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में विभिन्न जिलों के अधिकारियों द्वारा बाल विवाह संबंधी रोकथाम हेतु टीम का गठन किये जाने तथा मार्च एवं अप्रैल माह के शुरूआत में ग्राम पंचायत तथा नगरीय क्षेत्रों में बैठक का आयोजन किये जाने, प्रचार प्रसार हेतु दीवालों पर लेखन, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बाल विवाह को रोके जाने पर स्थानीय प्रशासन के माध्यम से किये गये कार्यों से अवगत कराया गया।

बाल विवाह रोकने कांकेर जिले में “मेरी आवाज सुनो’’ नामक कैम्पेन चलाया जा रहा जिसमे 17-18 वर्ष की वर्ष की बालिकाओं द्वारा अपने मन की बात खुलकर रखने एवं अपनी समस्याओं को व्यक्त करने के सशक्त मंच किया जाता है। इस नवाचार के जरिए बालिकाओं में जागरूकता एवं आत्मविश्वास बढ़ेगा जिससे वे बाल विवाह जैसी कुरीतियों के विरूद्ध आवाज उठा सकेंगी। बीजापुर जिले में ’”बीजा दूतिन’’ के माध्यम से स्वयं सेवी किशोर किशोरियों द्वारा बाल विवाह की स्थिति में संबंधित बालिका को क्या करना चाहिए ? इस संबंध में जागरूक किया जा रहा है। सुकमा जिले से स्थानीय गोंडी भाषा व जशपुर जिले से स्थानीय सादरी व कुरूख भाषा में बाल विवाह रोकने संबंधी प्रचार प्रसार की पहल को डाॅ. वर्णिका शर्मा ने काफी सराहा।