69 करोड़ के ओवरब्रिज पर सुस्ती पड़ी भारी! निरीक्षण के बाद भड़के डिप्टी CM अरुण साव, ठेकेदार को थमाया नोटिस

स्वतंत्र बोल
रायपुर, 12 जून 2026:
 बस्तर में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज परियोजना की धीमी रफ्तार अब ठेकेदार के लिए मुश्किलें खड़ी करती नजर आ रही है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी कर काम में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि प्रगति में सुधार नहीं होने पर अनुबंध की शर्तों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ad

गौरतलब है कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 6 जून को अपने बस्तर प्रवास के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई थी।

youtube

करीब 69 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण रेलवे ओवरब्रिज का कार्य निर्धारित समयसीमा से पीछे चल रहा है। निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने पाया था कि अनुबंध के अनुसार कार्य की अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, जिस पर उन्होंने तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे।

लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि कार्यस्थल उपलब्ध होने के बावजूद पर्याप्त मैनपावर, मशीनरी और निर्माण सामग्री की व्यवस्था नहीं की गई। इसके कारण परियोजना के विभिन्न चरणों में निर्धारित लक्ष्यों और महत्वपूर्ण पड़ावों को हासिल नहीं किया जा सका।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा के दौरान कई बार एजेंसी को गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद काम की रफ्तार संतोषजनक नहीं रही। यही वजह है कि अब औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

नोटिस में निर्माण एजेंसी मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को निर्देशित किया गया है कि वह तत्काल पर्याप्त श्रमिक, मशीनरी, सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करे तथा कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए।

विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि आने वाले समय में परियोजना की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार नहीं दिखा, तो अनुबंध के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि इस महत्वपूर्ण ओवरब्रिज का निर्माण समय पर पूरा हो, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।