स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 14 सितम्बर 2026। केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों के बाद सोमवार को देशभर में चीनी की औसत खुदरा कीमत लगातार चौथे दिन 60 रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे दर्ज की गई। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को चीनी का औसत खुदरा भाव 59.57 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जो रविवार को 58.99 रुपये था। हालांकि आगामी त्योहारों के कारण देश के कुछ इलाकों में मांग बढ़ने से कीमतों पर दबाव बना हुआ है। सरकार ने 21 अगस्त को पहली बार चीनी आयात की मंजूरी दी थी और जमाखोरी पर नकेल कसी थी, जिसके बाद से भाव में नरमी देखी जा रही है।
प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और यूपी में घटे दाम
देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में कीमतों में गिरावट आई है। महाराष्ट्र में चीनी की औसत खुदरा कीमत 59 रुपये से घटकर 58.22 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इसी तरह उत्तर प्रदेश में भी भाव 59.64 रुपये से कम होकर 57.88 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किए गए। मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा राहत मिली, जहां कीमतें 62.36 रुपये से घटकर 56.57 रुपये प्रति किलोग्राम रह गईं। वहीं पश्चिम बंगाल में मामूली गिरावट के साथ भाव 60.43 रुपये प्रति किलोग्राम रहे।
दक्षिण भारत के राज्यों में दिखा मिला-जुला असर
मंत्रालय के डेटा के अनुसार, सोमवार को देश में चीनी की अधिकतम खुदरा कीमत 85 रुपये और न्यूनतम कीमत 40 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। दक्षिणी राज्यों में आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में खुदरा कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखी गई। आंध्र प्रदेश में औसत भाव 21 अगस्त के 49.58 रुपये से बढ़कर 55.56 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया। दूसरी ओर, तमिलनाडु और केरल में कीमतों में नरमी रही, जहां केरल में भाव 56.75 रुपये से मामूली बढ़कर 57.8 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किए गए।
कीमतों पर अंकुश लगाने सरकार ने लागू किए कड़े नियम
बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने 21 अगस्त को चीनी आयात की अनुमति दी थी। इसके साथ ही थोक खरीदारों और व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट (भंडारण सीमा) के नियमों को सख्त कर दिया गया था। सरकार ने चीनी मिलों पर बेवजह दाम बढ़ाने का आरोप लगाते हुए स्पष्ट किया था कि देश में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी उपलब्ध है।
उत्पादन अनुमान घटा, लेकिन घरेलू मांग से ज्यादा रहेगा स्टॉक
सरकार ने 2025-26 के विपणन वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) के लिए चीनी उत्पादन का अनुमान 343 लाख टन से घटाकर 306 लाख टन कर दिया है। इसके बावजूद देश में चीनी की कोई कमी नहीं होगी, क्योंकि भारत की सालाना घरेलू मांग 280 से 285 लाख टन के बीच रहती है। ऐसे में कुल उत्पादन घरेलू जरूरत से अधिक रहने का अनुमान है।


