CGPSC घोटाला: मैरिज पैलेस में लीक पेपर, खाते में 66 लाख… ED के हत्थे चढ़े पूर्व OSD चेतन बोरघरिया

स्वतंत्र बोल
रायपुर 14 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC (लोक सेवा आयोग) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुख्यमंत्री कार्यालय के तत्कालीन OSD और एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार कर 7 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर लिया है। ED का दावा है कि CGPSC की वर्ष 2020 और 2021 की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, उम्मीदवारों से अवैध वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग में बोरघरिया की मुख्य भूमिका रही है। मामले की शुरुआत रायपुर EOW में दर्ज FIR से हुई थी, जिसकी जांच CBI भी कर चुकी है और तत्कालीन PSC अध्यक्ष समेत कई आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

ad

मैरिज पैलेस और बारनवापारा रिजॉर्ट में लीक कराए गए थे पेपर

ED की जांच में सामने आया है कि उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC परीक्षा-2021 के उम्मीदवारों से चयन के नाम पर 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध रकम जुटाई। प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक कराने के लिए अभ्यर्थियों को रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस ले जाया गया था। वहीं मुख्य परीक्षा के लीक पेपर के आधार पर कोचिंग देने के लिए उम्मीदवारों को महासमुंद जिले के बारनवापारा अभयारण्य स्थित एक सैंक्चुअरी रिजॉर्ट ले जाने का भी आरोप है।

youtube

बैंक खाते में 170 बार में आए 66 लाख से अधिक रुपये

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार संबंधित अवधि के दौरान चेतन बोरघरिया के बैंक खाते में 170 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 66 लाख 64 हजार रुपये जमा किए गए। 1 सितंबर को बोरघरिया के ठिकानों पर दी गई दबिश में मोबाइल और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे। इन उपकरणों की जांच में बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच पैसों की वापसी और भुगतान से जुड़ी बातचीत के साक्ष्य मिले हैं।

OPC कंपनी के जरिए हुआ वित्तीय हेरफेर

जांच एजेंसी ने खुलासा किया है कि मेसर्स फिगरकेव ई-कॉम (OPC) प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के जरिए वित्तीय लेन-देन किया गया। आरोप है कि इस कंपनी का इस्तेमाल अपराध से कमाए गए काले धन को सफेद करने और घुमाने के लिए किया जाता था। बैंक साक्ष्यों और बयानों के आधार पर बोरघरिया को अवैध धन के अधिग्रहण, कब्जे और इस्तेमाल में सीधा भागीदार पाया गया है।

7 दिन की कस्टडी में पूछताछ जारी

फिलहाल चेतन बोरघरिया ED की 7 दिन की रिमांड पर हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और अदालत में परीक्षण के बाद ही अंतिम तथ्य सामने आएंगे।