2 मिनट में 512 अंक फिसला सेंसेक्स, FII बिकवाली और कच्चे तेल के उबाल ने बिगाड़ा सेंटिमेंट

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स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली:
घरेलू शेयर बाजार के लिए हफ्ते का पहला दिन भारी बिकवाली लेकर आया। सोमवार (28 सितंबर) को बाजार खुलते ही सेंसेक्स 850 अंक से ज्यादा नीचे लुढ़क गया। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आई भारी तेजी गिरावट की मुख्य वजह बनी। क्रूड का भाव 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ा और भारतीय शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली।

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कच्चे तेल में उबाल और गिफ्ट निफ्टी के संकेत

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी दर्ज की जा रही है। ब्रेंट फ्यूचर्स 2.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 106.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि इस महीने इसमें करीब 18 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं अमेरिकी क्रूड फ्यूचर्स भी 1.5 प्रतिशत बढ़कर 93.84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। सोमवार सुबह गिफ्ट निफ्टी 23,111 अंकों पर था, जो सुस्त शुरुआत की तरफ इशारा कर रहा था। सुबह 9:15 बजे ट्रेडिंग शुरू होते ही 9:17 बजे तक सेंसेक्स 512 अंक टूटकर 73,383.70 पर आ गया और 9:40 बजे तक गिरावट 870 अंक तक पहुंच गई।

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

बाजार में मची इस तबाही के पीछे मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक परिस्थितियां हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता फिलहाल अधर में लटक गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हरमुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के ईरानी प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है, जबकि ईरान का रुख है कि विवाद का समाधान कूटनीति से ही संभव है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद से तेल बाजार अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।

विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार पर दबाव का एक बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी है। आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने 36.94 अरब रुपये (385.54 मिलियन डॉलर) के शेयर बेचे। इस महीने में अब तक वे 1.8 अरब डॉलर निकाल चुके हैं, जबकि इस पूरे साल में निकासी का आंकड़ा 25.86 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसी भारी बिकवाली के कारण निफ्टी 50 और सेंसेक्स हाल ही में लगातार सात सत्रों तक गिरे थे, जो रिकॉर्ड स्तर पर उनकी सबसे लंबी गिरावट में से एक है।

शुक्रवार की पूरी रिकवरी पर फिरा पानी

सोमवार को आई इस बड़ी गिरावट ने पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार की बढ़त को पूरी तरह धो दिया। शुक्रवार को बैंकिंग, ऑटो और गैस शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 315.20 अंक चढ़कर 73,895.74 पर बंद हुआ था और निफ्टी 77.40 अंक उछला था। उस दिन एक्सिस बैंक (2.82% की बढ़त के साथ), महिंद्रा, एशियन पेंट्स और बजाज फाइनेंस जैसे शेयरों में तेजी थी। हालांकि सोमवार को बाजार खुलते ही तेजी काफूर हो गई और अनिश्चितता के बीच निवेशकों का भरोसा डगमगा गया।