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धर्म डेस्क 7 अक्टूबर 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में न्याय के देवता और कर्मफलदाता कहे जाने वाले शनि महाराज 9 अक्टूबर को उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, शनि देव 9 अक्टूबर से लेकर अगले साल 8 फरवरी तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 122 दिनों का यह विशेष कालचक्र 5 भाग्यशाली राशियों के लिए करियर, धन और तरक्की के मामले में किसी वरदान से कम साबित नहीं होने वाला है।
मेष और वृषभ राशि: प्रमोशन और फंसा हुआ धन मिलने के योग
मेष राशि के जातकों के लिए शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन बेहद शुभ रहने वाला है। इस दौरान जातकों में नया आत्मविश्वास देखने को मिलेगा, जिससे वे कठिन फैसले आसानी से ले पाएंगे। कार्यक्षेत्र में उच्च अधिकारी काम से प्रसन्न रहेंगे और प्रमोशन की संभावनाएं बनेंगी। वृषभ राशि वालों के लिए यह 122 दिनों का समय धन और संपत्ति के मामले में शानदार रहेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। घर-परिवार में मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है।
सिंह और वृश्चिक राशि: व्यापार में मुनाफा और विदेश यात्रा का अवसर
सिंह राशि के लोगों को इस अवधि में चौतरफा लाभ मिलने की उम्मीद है। बिजनेस या पार्टनरशिप में काम करने वालों को बड़ा मुनाफा हो सकता है। समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी और अटके हुए सरकारी काम आसानी से निपट जाएंगे।वृश्चिक राशि के जातकों को भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। नौकरी या कारोबार के सिलसिले में लंबी दूरी या विदेश यात्रा का मौका मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों को इस दौरान बड़ी सफलता मिल सकती है।
मकर राशि: दूर होंगी मानसिक उलझनें, बढ़ेगा बैंक बैलेंस
मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि देव हैं, इसलिए इस राशि के लोगों पर उनकी विशेष कृपा देखने को मिलेगी। पिछले कुछ समय से चली आ रही शारीरिक और मानसिक परेशानियां दूर होने लगेंगी। आय में जबरदस्त बढ़ोतरी होने से बैंक बैलेंस बढ़ेगा और जीवनस्तर में सुधार आएगा। 8 फरवरी तक का यह समय मकर राशि के जातकों के लिए मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता लेकर आएगा।


