स्वतंत्र बोल
दंतेवाड़ा 7 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा बलों को जंगलों में छिपे हथियारों और डंप की तलाश में बड़ी सफलता मिली है। बारसूर क्षेत्र के मंगनार, बुरदुम, तोड़मा और कोहकाबेड़ा के जंगलों में सीआरपीएफ और डीआरजी के संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीन के नीचे संदूक में छिपाकर रखा गया नक्सलियों का बड़ा डंप बरामद किया गया है।
2008 और 2009 में लूटे गए हथियार बरामद
जमीन की खुदाई कर निकाले गए संदूक से कांकेर क्षेत्र में साल 2008 और 2009 में जवानों से लूटी गई एक एके-47 और एक इंसास राइफल भी बरामद हुई है। इसके अलावा मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य उपकरण मिले हैं।बरामद की गई सामग्री में शामिल हैं। इनमें
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हथियार एवं असलाह: 1 एके-47 राइफल, 1 इंसास राइफल, 6 भरमार, 1 बीजीएल लॉन्चर, 9 बीजीएल सेल, 23 एके-47 मैगजीन, 5 बीजीएल राउंड, 1 इंसास मैगजीन, 138 राउंड (.315 राइफल के) और 2 तीर बम।
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विस्फोटक व उपकरण: 2 टिफिन बम, 8 कुकर बम, 24 पिस्टन रॉड, 20 मीटर कॉर्डेक्स वायर, 20 मीटर वायर, 20 वॉकी-टॉकी सेट, 1 मल्टीमीटर और 2 कार इनवर्टर।
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अन्य सामग्री: 2 जोड़ी नक्सली वर्दी।
रिकॉर्ड में 100 हथियार, 28 की तलाश अब भी जारी
दंतेवाड़ा पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, नक्सलियों ने अलग-अलग घटनाओं में जवानों से करीब 100 हथियार लूटे थे। इनमें से 72 हथियार पुलिस द्वारा अब तक बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 हथियार अभी भी जंगलों में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि, साल 2003 में गीदम थाने से करीब 30 हथियार लूटे गए थे। इसके अलावा चोलनार ब्लास्ट और अन्य घटनाओं में भी नक्सलियों की ओर से .303 राइफल, इंसास और एके-47 जैसे हथियार लूटे गए थे। बचे हुए हथियारों की तलाश में सुरक्षा बलों ने जंगलों में सर्चिंग और तेज कर दी है।


