रायपुर में प्रदूषण फैलाने वालों पर बड़ा शिकंजा! 82 उद्योगों के खिलाफ एक्शन, करोड़ों का जुर्माना, कई यूनिटों की बिजली काटने के आदेश

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रायपुर 05 जून 2026: छत्तीसगढ़ में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर अब सख्ती का दौर शुरू हो चुका है। पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करने वाले कई उद्योगों पर ऐसी कार्रवाई हुई है, जिसने औद्योगिक क्षेत्र में हलचल मचा दी है। पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान रायपुर संभाग में दर्जनों उद्योगों को नोटिस जारी किए गए, कई इकाइयों का उत्पादन बंद कराया गया और करोड़ों रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी वसूली गई।

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छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा रायपुर क्षेत्र में संचालित उद्योगों की लगातार निगरानी की जा रही है। औचक निरीक्षण के दौरान जल एवं वायु प्रदूषण संबंधी मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।

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94 उद्योगों को नोटिस, 82 के खिलाफ उत्पादन बंद करने की कार्रवाई

मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के अंतर्गत रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 94 उद्योगों को नोटिस जारी किए गए, जबकि 82 उद्योगों के खिलाफ उत्पादन बंद करने अथवा बिजली कनेक्शन विच्छेदित करने के निर्देश जारी किए गए।

2.40 करोड़ रुपये से ज्यादा की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति

निरीक्षण के दौरान पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले 96 उद्योगों पर कुल 2 करोड़ 40 लाख 65 हजार 125 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई। वहीं बिना तारपोलिन ढंके कच्चे माल, उत्पाद और ठोस अपशिष्टों का परिवहन करने वाले 136 उद्योगों एवं संस्थानों पर 51 लाख 2 हजार 323 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

इसके अलावा फ्लाई ऐश के अवैध अपवहन और डम्पिंग के मामलों में दो उद्योगों पर 12 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी लगाई गई।

सिंगल-यूज प्लास्टिक बनाने वालों पर भी गिरी गाज

प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक के निर्माण और उपयोग को लेकर भी मंडल ने सख्त रुख अपनाया है। जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच एक उद्योग का उत्पादन बंद कराते हुए उस पर 87 हजार 500 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई और न्यायालय में परिवाद भी दायर किया गया।

एक अन्य उद्योग पर 6 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए उसका उत्पादन बंद कराया गया। वहीं दो अन्य इकाइयों के खिलाफ भी उत्पादन बंद करने की कार्रवाई की गई।

प्रदूषण पर लगाम का असर, रायपुर की हवा हुई बेहतर

लगातार की जा रही निगरानी और कार्रवाई का असर अब रायपुर की हवा में भी दिखाई देने लगा है। शहर में वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए 4 Continuous Ambient Air Quality Monitoring Stations (CAAQMS) और 6 National Ambient Air Monitoring Programme (NAMP) स्टेशन संचालित किए जा रहे हैं।

आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में रायपुर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 65.38 था, जो वर्ष 2025 में घटकर 62.86 हो गया। यानी शहर की वायु गुणवत्ता में लगभग 4 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया है। यह स्तर संतोषजनक श्रेणी में माना जा रहा है।

आगे और सख्त होगी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करने वाले उद्योगों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। मंडल का कहना है कि प्रदेश में स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और प्रवर्तन गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर लगातार हो रही कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहे हैं कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा।