‘अन्ना रेड्डी’ ऐप के जरिए चल रहा था ऑनलाइन सट्टा कारोबार, 62 पासबुक, 81 एटीएम कार्ड और दर्जनों डिजिटल उपकरण जब्त

दुर्ग। ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध वित्तीय लेन-देन के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। भिलाई के खुर्सीपार स्थित आईटीआई मैदान क्षेत्र में छापेमारी कर पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर “अन्ना रेड्डी” नामक ऑनलाइन बेटिंग ऐप के माध्यम से अवैध सट्टा संचालन कर रहे थे।

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पुलिस की कार्रवाई में भारी मात्रा में बैंकिंग और डिजिटल दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिससे यह मामला केवल ऑनलाइन सट्टेबाजी तक सीमित नहीं, बल्कि एक बड़े वित्तीय नेटवर्क से जुड़ा होने की आशंका भी जताई जा रही है।

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भिलाई निवासी अजय कुमार मिश्रा, करण कुमार सिंह और बिहार निवासी दीपक कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में तीनों ने ऑनलाइन सट्टा संचालन और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पुलिस के अनुसार आरोपी केवल भिलाई से ही नहीं, बल्कि आईपीएल सीजन के दौरान झारखंड के रांची में रहकर भी इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। जांच एजेंसियों को डिजिटल और वित्तीय गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में इन्हीं खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर करने, छिपाने और निकालने के लिए किया जाता था। नेटवर्क को सुरक्षित बनाए रखने के लिए कई बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल नंबर और सिम कार्ड का उपयोग किया जाता था, जिससे लेन-देन का पता लगाना मुश्किल हो सके।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 62 बैंक पासबुक, 81 एटीएम कार्ड, 5 चेकबुक, 13 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य महत्वपूर्ण बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। बरामद सामग्री से संकेत मिल रहे हैं कि नेटवर्क का दायरा काफी बड़ा हो सकता है।

खुर्सीपार थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3), 318(4), 319 तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम की धारा 5, 6 और 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि जब्त डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की तकनीकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में मिले संकेतों के आधार पर पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस अवैध सट्टा कारोबार से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

सबहेडिंग:
भिलाई से रांची तक फैला था ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क, गरीबों के नाम पर खुलवाए जाते थे बैंक खाते, पुलिस को मिले कई अहम डिजिटल सबूत।