स्वतंत्र बोल
बालोद | 08. अगस्त. 2026 बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिले के गुंडरदेही विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इरागुड़ा में मिशन वात्सल्य के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य बाल संरक्षण समिति के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को पॉक्सो अधिनियम 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में बताया गया। इसके साथ ही गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध से बचाव और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी तरह के शोषण, हिंसा, उत्पीड़न, ऑनलाइन धोखाधड़ी या अन्य संकट की स्थिति में उन्हें चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसी परिस्थिति में वे माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद वयस्क से बात कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क कर सकते हैं।
कार्यक्रम में बच्चों को सुरक्षित व्यवहार, आत्म-सुरक्षा और डिजिटल माध्यमों के जिम्मेदारी से इस्तेमाल के बारे में भी समझाया गया। उन्हें बताया गया कि ऑनलाइन किसी संदिग्ध व्यक्ति, संदेश या लिंक का सामना होने पर सावधानी बरतें और इसकी जानकारी तुरंत किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को दें। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध सुरक्षा तंत्र के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य सुषमा पटेल, सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, मास्टर ट्रेनर सुमन देवांगन एवं गोकुल राम यादव मौजूद रहे। चाइल्ड हेल्पलाइन की ओर से परियोजना समन्वयक वेदप्रकाश साहू, केस वर्कर कैलाश निषाद और हेमशंकर निर्मलकर ने बच्चों को व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी दी। वहीं, जिला बाल संरक्षण इकाई की आउटरीच वर्कर नूतन नेताम ने बाल संरक्षण सेवाओं और जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।
जागरूकता कार्यक्रम में 118 बालक और 152 बालिकाओं सहित कुल 270 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने बाल सुरक्षा, कानूनी संरक्षण और साइबर जागरूकता से जुड़े विषयों पर सवाल पूछे और विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की।
मिशन वात्सल्य के तहत आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के साथ ही परिवार, स्कूल और समाज में बाल संरक्षण को लेकर जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने में मदद मिलती है।


