स्वतंत्र बोल
रायपुर 9 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) और संचालनालय (इंद्रावती भवन) आने-जाने वाले 3200 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की मुसीबतें 31 अक्टूबर 2026 के बाद से बढ़ने वाली हैं. रायपुर नगर निगम और बस संचालन एजेंसी के बीच हुआ एमओयू (MoU) 31 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है. इसके बाद रायपुर से नवा रायपुर के बीच चलने वाली 66 से अधिक कर्मचारी बसें पूरी तरह बंद हो जाएंगी. नगर निगम रायपुर ने एनआरडीए (NRDA) को पत्र लिखकर बस सेवा बंद करने की स्पष्ट जानकारी दे दी है.
कंडम बसें, 24 सितंबर की आग और सुरक्षा पर उठते सवाल
रायपुर नगर निगम कमिश्नर संबित मिश्रा के अनुसार मंत्रालय जाने वाली बसें पूरी तरह से जर्जर और कंडम हो चुकी हैं, जिससे इनका संचालन अब सुरक्षित नहीं है. कर्मचारी संगठन भी बसों की खस्ताहाल स्थिति पर लगातार सवाल उठा रहे थे. बीते 24 सितंबर 2026 को कर्मचारियों को ले जा रही एक बस में अचानक आग लग गई थी, जिसमें सवार अधिकारी-कर्मचारी बाल-बाल बचे थे. सुरक्षा जोखिम को देखते हुए निगम ने एमओयू आगे न बढ़ाने का फैसला लिया है.
डिपो की जमीन पर बनेगा स्टेडियम, ₹95 लाख का बचेगा खर्च
बस सेवा बंद करने के पीछे डिपो की जमीन खाली कराना भी एक बड़ी वजह है. वर्तमान में जहां बसें खड़ी होती हैं, वहां स्टेडियम का निर्माण प्रस्तावित है और लोक निर्माण विभाग (PWD) को जमीन हैंडओवर करने के लिए निगम डेढ़ महीने में डिपो खाली करने की तैयारी में है. यह प्रोजेक्ट पहले ही अपने निर्धारित समय से करीब 8 महीने पीछे चल रहा है. इस बस सेवा के बंद होने से शासन को हर महीने एजेंसी को दिए जाने वाले करीब 95 लाख रुपये के खर्च की बचत भी होगी.
2012 का ठेका और एक्सटेंशन से घटीं बसें
रायपुर नगर निगम ने साल 2012 में श्री दुर्गा अंबा ट्रांसपोर्ट कंपनी को 98 बसों के संचालन का ठेका दिया था. 10 साल का यह अनुबंध 19 जनवरी 2022 को ही समाप्त हो चुका था. इसके बाद नया टेंडर निकालने के बजाय एमओयू और समय-सीमा बढ़ाकर बस सेवा चलाई जाती रही, जिससे बसों की संख्या घटकर 83 रह गई. सामान्य प्रशासन विभाग ने नई एजेंसी के चयन के लिए आरएफपी तैयार कर शासन को भेजा था, लेकिन नई व्यवस्था बनने से पहले ही मौजूदा सिस्टम खत्म करने का निर्णय ले लिया गया.
‘अपने स्तर पर करें व्यवस्था’ विभागों ने जारी किया पत्र
निगम के पत्र के बाद एनआरडीए ने सामान्य प्रशासन विभाग को स्थिति से अवगत करा दिया है. इधर, पंजीयन विभाग के डिप्टी आईजी ने 1 अक्टूबर को पत्र जारी कर अधिकारी-कर्मचारियों को सूचित कर दिया है कि 31 अक्टूबर के बाद बस सेवा संभव नहीं है, इसलिए वे अपने आने-जाने के लिए निजी व्यवस्था करें. वैकल्पिक परिवहन का प्रबंध किए बिना अचानक सेवा बंद करने के फैसले से कर्मचारी संगठनों में भारी नाराजगी है, क्योंकि अब उन्हें रोजाना निजी वाहनों, टैक्सी या सार्वजनिक परिवहन के महंगे विकल्पों का सहारा लेना पड़ेगा


