स्वतंत्र बोल
रायपुर 11 जून 2026: कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़े लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ में आयोजित कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की 27वीं क्षेत्रीय समिति की बैठक में मृत्यु क्लेम और निष्क्रिय खातों के मामलों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने अधिकारियों को ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने को कहा है।
मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता श्रम सचिव हिमशिखर गुप्ता ने की। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्योगों में होने वाली आकस्मिक मृत्यु के मामलों में ईएसआईसी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर मृत्यु क्लेम का शीघ्र निपटारा किया जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
बैठक में निष्क्रिय पड़े भविष्य निधि खातों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। श्रम सचिव ने अधिकारियों को ऐसे खातों के लाभार्थियों की पहचान कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी या उनके परिजन अपने खाते की राशि से अनजान रहते हैं, ऐसे मामलों को चिन्हित कर लाभार्थियों तक उनका हक पहुंचाना जरूरी है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में प्रत्येक माह की 27 तारीख को आयोजित होने वाले ‘निधि आपके निकट’ कार्यक्रम में जिला कलेक्टर, ईएसआईसी, सहायक श्रम आयुक्त, उप श्रम आयुक्त और संबंधित विभागों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान हो सके।
बैठक का संचालन सदस्य सचिव एवं क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त जयवदन इंगले ने किया। उन्होंने संगठन की कार्यप्रणाली, न्यायालयीन प्रकरणों, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, कर्मचारी पंजीकरण योजना-2025, प्रयास, तत्पर, कन्वर्जेंस बैठक और नवीन साइट्स प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।
जयवदन इंगले ने सभी सदस्यों से अपील की कि वे नियोक्ताओं और पीएफ सदस्यों को ‘निधि आपके निकट’ कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
बैठक में ईपीएफ अधिनियम के अनुपालन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार, संगठन की उपलब्धियों और चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान उप केंद्रीय श्रमायुक्त बिधान चंद्र नायक, ईपीएफओ के उप निदेशक एन.के. पटनायक एवं रत्नेश राजन्या सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नियोक्ता पक्ष से छत्तीसगढ़ उद्योग महासंघ के अध्यक्ष महेश कक्कड़ और उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विन गर्ग शामिल हुए। वहीं कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लेकर विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव रखे।
बैठक में कर्मचारी हितों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच बढ़ाने और लंबित मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर सहमति बनी, जिससे प्रदेश के लाखों पीएफ खाताधारकों को आने वाले समय में लाभ मिलने की उम्मीद है।


