स्वतंत्र बोल
रायपुर 11 जून 2026: छत्तीसगढ़ के राजभवन में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण मुलाकात देखने को मिली, जब भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने युवा अधिकारियों को प्रशासनिक सेवा के मूल मंत्र बताते हुए जनहित और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
लोकभवन में आयोजित इस मुलाकात में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सुब्रत साहू के नेतृत्व में आईएएस परिवीक्षाधीन अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला। राज्यपाल ने सभी अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल पद और अधिकार का दायित्व नहीं, बल्कि समाज और देश की सेवा का अवसर है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें तथा हर निर्णय में मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दें। राज्यपाल ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि आम नागरिक को समय पर न्याय मिलना चाहिए और शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
श्री डेका ने अधिकारियों को समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एक सफल प्रशासक वही होता है, जो जनता की समस्याओं को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ उनका समाधान करे। साथ ही अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति भी सकारात्मक और सहयोगात्मक दृष्टिकोण बनाए रखे।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर, प्रशिक्षण निदेशक प्रणव सिंह सहित परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी गोकुल आर.के., वदथ्यवथ यशवंत नाइक और इशांत जायसवाल उपस्थित रहे।
मुलाकात के दौरान प्रशासनिक सेवा की जिम्मेदारियों, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल के मार्गदर्शन को युवा अधिकारियों ने अपने आगामी प्रशासनिक जीवन के लिए प्रेरणादायी बताया।


