RBI MPC Meeting Results: रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.25% बढ़ाया, जानिए आपकी लोन ईएमआई पर क्या होगा असर

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स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 7 अक्टूबर 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक के नतीजों का ऐलान करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में 25 बीपीएस (0.25%) की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस फैसले के बाद रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया है। करीब चार साल तक 5.25% पर स्थिर रहने के बाद किए गए इस बदलाव से होम लोन और कार लोन लेने वाले ग्राहकों पर ईएमआई (EMI) का बोझ बढ़ने की संभावना है।

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अपने संबोधन की शुरुआत में आरबीआई गवर्नर ने वेस्ट एशिया संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का जिक्र किया। उन्होंने वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई और शेयर बाजार में अनिश्चितता के माहौल पर चिंता जताई। इस फैसले के तहत स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट में 0.25% का इजाफा कर इसे 5.25% कर दिया गया है, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट भी बढ़कर अब 5.75% हो गया है।

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वर्ष 2026 में आयोजित यह आरबीआई की चौथी एमपीसी बैठक थी। इससे पहले अप्रैल, जून और अगस्त की बैठकों में रेपो दर को 5.25% पर यथावत रखा गया था। दरें बढ़ाने के साथ ही केंद्रीय बैंक ने मॉनेटरी पॉलिसी के रुख को पहले के ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि शॉर्ट टर्म में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है और रिजर्व बैंक का पूरा ध्यान महंगाई पर काबू पाने पर केंद्रित रहेगा।

कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई का हवाला देते हुए रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित महंगाई दर का अनुमान 5% से बढ़ाकर 5.2% कर दिया है। इसके साथ ही कोर महंगाई दर के अनुमान को भी 4.3% से बढ़ाकर 4.4% किया गया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रबी सीजन पर कमजोर मानसून और अल नीनो के प्रभाव को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।

महंगाई के अनुमानों में बढ़ोतरी के बीच रिजर्व बैंक ने देश की आर्थिक विकास दर को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है। इसके तहत दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7.2% और तीसरी तिमाही के लिए 6.5% से बढ़ाकर 6.9% किया गया है, जबकि चौथी तिमाही के अनुमान को 6.8% पर यथावत रखा गया है।