स्वतंत्र बोल
बलौदाबाजार, 09 अप्रैल 2026: बलौदाबाजार जिले के कसडोल ब्लॉक के ग्राम कटगी में अवैध शराब को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक टकराव में बदल गया। शिकायत करने वाले ग्रामीण को ही इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी, जब ढाबा संचालक ने उस पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया और हालात इतने बिगड़ गए कि ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
|
WhatsApp Group
|
Join Now |
|
Facebook Page
|
Follow Now |
|
Twitter
|
Follow Us |
|
Youtube Channel
|
Subscribe Now |
मामले के अनुसार, गांव में संचालित एक ढाबे में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी कलेक्टर और एसपी तक पहुंचाई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से ढाबा संचालक के हौसले बुलंद हो गए। आरोप है कि शिकायत से नाराज होकर ढाबा संचालक, जो कसडोल ब्लॉक ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भागवत थवाईत है, अपने बेटे संतोष थवाईत के साथ मिलकर एक ग्रामीण के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगा।
इस घटना की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश भड़क उठा। गुस्साए ग्रामीणों ने एकजुट होकर ढाबा संचालक और उसके बेटे को घेर लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। हालात बेकाबू होते देख मौके पर हड़कंप मच गया और पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही कसडोल थाना पुलिस और बलौदाबाजार के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया और भीड़ को शांत कराया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले भी कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते अवैध कारोबार करने वालों के हौसले बढ़ते गए और मामला हिंसा तक पहुंच गया।
वहीं जिले में लगातार हो रही चोरी और आपराधिक घटनाओं पर भी पुलिस की सुस्ती सामने आ रही है। हाल ही में एक साथ चार गाड़ियों के शीशे तोड़कर बैटरियां चोरी करने का मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे। स्थानीय युवाओं ने खुद एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया, लेकिन अब तक बाकी चोरी का खुलासा नहीं हो सका है।
कटगी की यह घटना अब इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल छोड़ गई है, जहां शिकायत करना भी लोगों के लिए खतरे से खाली नहीं रह गया है।
