छत्तीसगढ़ में ‘आग उगलती हवा’ का खतरा, अगले 48 घंटे बन सकते हैं सबसे खतरनाक

स्वतंत्र बोल
रायपुर 18 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ में गर्मी अब खतरनाक रूप लेती जा रही है। दिनभर चल रही झुलसा देने वाली हवाएं लोगों की हालत खराब कर रही हैं और आने वाले 48 घंटे और भी भारी पड़ सकते हैं। मौसम विशेषज्ञों ने साफ संकेत दिए हैं कि हालात जल्द सुधरने वाले नहीं हैं।

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मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में फिलहाल किसी बड़ी राहत के संकेत नहीं हैं। खासतौर पर बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के कई इलाकों में अगले दो दिनों तक लू चलने की आशंका जताई गई है। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर यह स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है, जहां गर्म हवाएं सीधे लोगों की सेहत पर असर डालेंगी।

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पिछले 24 घंटों के आंकड़ों ने भी खतरे की तस्वीर साफ कर दी है। राजनांदगांव में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से एक है। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन दिन की तपिश ने राहत नहीं दी।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर तटीय उड़ीसा के आसपास बने ऊपरी हवा के चक्रीय परिसंचरण और अंदरूनी महाराष्ट्र-तेलंगाना क्षेत्र में सक्रिय प्रति चक्रवात के कारण मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। यही वजह है कि 18 अप्रैल को भी तापमान में किसी खास गिरावट की उम्मीद नहीं है।

प्रदेश के मध्य हिस्सों में लू जैसी स्थिति लगातार बनी रह सकती है, जो लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। वहीं बस्तर संभाग के दक्षिणी इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, लेकिन इससे गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।

ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, क्योंकि आने वाले दिन शरीर पर भारी पड़ सकते हैं और लापरवाही गंभीर स्थिति में बदल सकती है।