गांव में पक रही थी ‘खामोश मौत’, दरवाजा खुलते ही सामने आया डरावना सच

स्वतंत्र बोल
रायगढ़ 18 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक साधारण से दिखने वाले गांव में कुछ ऐसा पक रहा था, जिसका खुलासा होते ही वन विभाग भी सन्न रह गया।

16 अप्रैल को वनमंडल अंतर्गत रायगढ़ वन परिक्षेत्र के ग्राम देलारी में वन्यप्राणी का मांस पकाए जाने की गुप्त सूचना मिली। सूचना इतनी गंभीर थी कि तुरंत कार्रवाई करते हुए उप वनमंडलाधिकारी के निर्देश पर टीम ने संबंधित घरों पर दबिश दी। जब दरवाजे खुले, तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था।

तलाशी के दौरान अलग-अलग आरोपियों के घरों से पकाया हुआ वन्यप्राणी मांस बरामद किया गया। आत्माराम के घर से 0.400 किलोग्राम, हरिशंकर साव के घर से 1.400 किलोग्राम और तरुण के घर से 0.500 किलोग्राम मांस जब्त किया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि करीब 1 किलोग्राम मांस पहले ही पकाकर खाया जा चुका था, जिसकी पुष्टि खुद आरोपियों ने अपने बयान में की।

इस पूरे मामले में वन विभाग ने पीओआर प्रकरण क्रमांक 7541/08, दिनांक 16 अप्रैल 2026 के तहत केस दर्ज कर लिया है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और नियमानुसार उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

वन विभाग इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर जंगलों के बेजुबान जानवर कब तक इस तरह शिकार बनते रहेंगे, और कब ऐसे मामलों पर पूरी तरह लगाम लग पाएगी।