स्वतंत्र बोल
रायपुर 22 अगस्त 2026 त्योहारों के बीच शक्कर की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने अनोखे तरीके से विरोध जताया। उन्होंने शक्कर की डिब्बियां पैक कर भाजपा के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को डाक के जरिए भेजीं। इसके जरिए उन्होंने सरकार का ध्यान बढ़ती महंगाई की ओर खींचने की कोशिश की। विकास उपाध्याय ने कहा कि त्योहारों के दौरान घरों में मिठाई और कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं, ऐसे में शक्कर की बढ़ती कीमत सीधे आम परिवारों के बजट पर असर डाल रही है। उनका आरोप है कि सरकार महंगाई पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है। उनका कहना है कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों को शक्कर भेजने का मकसद उन्हें बाजार की वास्तविक स्थिति बताना है। उन्होंने कहा कि जिस शक्कर को कुछ समय पहले करीब 48 रुपये किलो खरीदा जा सकता था, उसके दाम अब 67 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।
उन्होंने सरकार से शक्कर समेत रोजमर्रा की जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करने और आम लोगों को राहत देने की मांग की।
उपाध्याय की ओर से दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में चीनी के दाम में करीब 19 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। वहीं गुड़ की कीमत भी 50 रुपये से बढ़कर करीब 65 रुपये किलो तक पहुंचने का दावा किया गया है। इसके अलावा चावल कनकी, मक्के का आटा और दलिया/राइस फ्लोर जैसी चीजों के दाम में भी बढ़ोतरी बताई गई है। पशु आहार और पोल्ट्री फीड की कीमतें बढ़ने की बात भी कही गई है। विकास उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई का असर अब आम आदमी की रसोई तक साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय जरूरी सामान महंगा होने से लोगों की परेशानियां और बढ़ जाती हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि शक्कर और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री की कीमतों को नियंत्रित कर आम जनता को राहत दी जाए।


