स्वतंत्र बोल
महासमुंद,04 अप्रैल 2026: शांत दिखने वाले हाईवे पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पुलिस ने दो लग्जरी गाड़ियों में छिपा ऐसा राज पकड़ा जिसने सबको चौंका दिया। एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करीब डेढ़ करोड़ रुपए का गांजा जब्त किया गया है। इस ऑपरेशन में महाराष्ट्र के पांच तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।
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पुलिस को पहले ही सूचना मिल चुकी थी कि ओडिशा से बड़ी मात्रा में गांजा लेकर एक खेप महाराष्ट्र की ओर बढ़ रही है। सूचना मिलते ही टीम ने एनएच-53 के रेहटीखोल रोड पर नाकाबंदी कर दी। कुछ ही देर में एक फार्च्यूनर और एक स्कार्पियो वहां पहुंचीं, जिनकी तलाशी लेते ही पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया।
गाड़ियों में रखी बोरियों की जांच के दौरान खुद आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनमें गांजा भरा हुआ है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह खेप ओडिशा के फुलवानी जिले से पुणे, महाराष्ट्र ले जाई जा रही थी।
पुलिस ने जब पूरी तलाशी ली तो 281.900 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपए आंकी गई है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही फार्च्यूनर और स्कार्पियो समेत 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। कुल जब्ती की कीमत 2 करोड़ 6 लाख 45 हजार रुपए बताई गई है।
इस मामले में महाराष्ट्र निवासी पांच आरोपियों—प्रशांत शंकर गोले, क्षितिज वीरसेन जाधव, अक्षय नंदकुमार निगम, अभिषेक डेविड जगले और महेश काटकर—को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ एक बड़े नशा तस्करी गिरोह की कमर तोड़ी है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि हाईवे के रास्ते चल रहा यह काला कारोबार कितना संगठित और खतरनाक हो चुका है। अब जांच इस बात पर टिकी है कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन शामिल हैं और यह जाल कितनी दूर तक फैला हुआ है।
