स्वतंत्र बोल
रायगढ़ 05 जून 2026: एक कारोबारी की मेहनत की कमाई और करोड़ों रुपये की संभावित संपत्ति पर कब्जा करने की कथित साजिश का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। कारोबारी को लंबे समय तक यह अंदाजा भी नहीं था कि उसके घर के भीतर ही उसके भरोसे का फायदा उठाकर बड़ी आर्थिक चाल चली जा रही है। जब शक गहराया और CCTV कैमरों की मदद ली गई, तब कथित तौर पर एक-एक कर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे।
मामले में पुलिस ने कारोबारी की पत्नी और साले को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
कारोबार बढ़ा तो बढ़ने लगा आना-जाना
मामला घरघोड़ा क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता पिंगल कुमार बघेल ने पुलिस को बताया कि वह फेब्रिकेशन, सेंट्रिंग और मीडिया से जुड़ा व्यवसाय करता है। वर्ष 2008 में उसका विवाह सीमा बघेल से हुआ था। कारोबार में आर्थिक प्रगति होने के बाद उसके ससुर भरतलाल यादव और साले कृष्ण कुमार यादव का घर पर आना-जाना बढ़ गया।
शिकायत के अनुसार, वह प्रतिदिन अपने व्यवसाय से प्राप्त राशि पत्नी को सुरक्षित रखने के लिए सौंपता था। कुछ वर्षों बाद उसे संदेह हुआ कि कारोबार की आमदनी के अनुपात में घर में रकम उपलब्ध नहीं है।
CCTV ने खोला कथित राज
शिकायतकर्ता ने घर में CCTV कैमरे लगवाए। आरोप है कि फुटेज की जांच में उसकी पत्नी को अलमारी से रकम निकालकर अपने भाई कृष्ण कुमार यादव को देते हुए देखा गया।
पुलिस जांच के दौरान कृष्ण कुमार यादव के बैंक खातों की भी पड़ताल की गई। जांच में लगभग 22 लाख रुपये के लेनदेन सामने आए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कृष्ण कुमार यादव बेरोजगार था, इसके बावजूद उसके खातों में इतनी बड़ी रकम का ट्रांजेक्शन हुआ।
करोड़ों के मुआवजे वाली जमीन को लेकर भी आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2022 में तमनार क्षेत्र में ऐसी भूमि खरीदने की योजना बनाई गई थी, जिस पर भविष्य में अधिग्रहण होने की स्थिति में करोड़ों रुपये के मुआवजे और नौकरी मिलने की संभावना थी।
आरोप है कि इस जानकारी का लाभ उठाते हुए पत्नी, साले और ससुर ने मिलकर दबाव बनाया और करीब 13 लाख 50 हजार रुपये की जमीन पत्नी सीमा बघेल के नाम पर रजिस्ट्री कराई। शिकायतकर्ता का दावा है कि इसके बाद अन्य संपत्तियों पर भी कब्जा करने की कोशिश की गई और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में मामले की जांच एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी द्वारा की गई। जांच में प्रथम दृष्टया चोरी, धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े आरोपों में पर्याप्त आधार मिलने की बात सामने आई।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर थाना घरघोड़ा में अपराध दर्ज कर मामला विवेचना में लिया गया।
पत्नी और साला गिरफ्तार
थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सीमा बघेल और कृष्ण कुमार यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार मामले से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण में नामजद एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी अभी बाकी है और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
जांच जारी, सामने आ सकते हैं और खुलासे
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। आर्थिक लेनदेन, संपत्ति संबंधी दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस कथित संपत्ति षड्यंत्र से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।


