1964 से टी इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारी ने खोले नए रास्ते, छत्तीसगढ़ में चाय उद्योग को लेकर बनने लगा बड़ा प्लान

स्वतंत्र बोल
रायपुर 22 मई 2026:  क्या आने वाले समय में छत्तीसगढ़ भी चाय उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में पहचान बना सकता है? राजधानी रायपुर में हुई एक अहम मुलाकात के बाद इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। राज्यपाल रमेन डेका और छत्तीसगढ़ चाय व्यापारी संघ के उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार बागड़ोदिया के बीच हुई मुलाकात में प्रदेश में चाय उद्योग की संभावनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

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लोकभवन में हुई इस सौजन्य भेंट के दौरान महेंद्र कुमार बागड़ोदिया ने राज्यपाल को बताया कि वे वर्ष 1964 से कोलकाता की टी इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं और वर्तमान में रायपुर में चाय व्यवसाय के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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मुलाकात के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों को चाय की खेती के लिए अनुकूल बताते हुए इस क्षेत्र में संभावनाओं की जानकारी साझा की। बताया जा रहा है कि चर्चा में प्रदेश में बड़े स्तर पर चाय उद्योग विकसित करने के मुद्दे पर भी विचार हुआ।

राज्यपाल रमेन डेका ने असम के प्रसिद्ध चाय बागानों का जिक्र करते हुए छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह चाय उद्योग के विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने इस दिशा में आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।

सूत्रों की मानें तो यदि इस दिशा में गंभीर पहल होती है, तो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में चाय उत्पादन, रोजगार और व्यापार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इस मुलाकात के बाद व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्रों में भी नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।