स्वतंत्र बोल
गरियाबंद 22 मई 2026: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में गुरुवार रात ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। एक 7 साल के मासूम को तेंदुआ गर्दन से दबोचकर जंगल की ओर घसीटते हुए ले जा रहा था। बच्चे की चीखें सुनकर परिजन दौड़े और जान जोखिम में डालकर किसी तरह उसे तेंदुए के जबड़े से छुड़ाया।
घटना जिला मुख्यालय से लगे कोदोबतर के चट्टानपारा इलाके की है। जानकारी के मुताबिक धनेश कुमार नाम का बच्चा पड़ोस के घर से टीवी देखकर रात में अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेंदुए ने बच्चे की गर्दन दबोच ली और उसे जंगल की तरफ ले जाने लगा। मासूम की दर्दनाक चीखें सुनकर परिवार वाले और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद तेंदुए और ग्रामीणों के बीच कुछ देर तक डरावना संघर्ष चला। आखिरकार परिजनों ने साहस दिखाते हुए बच्चे को तेंदुए के चंगुल से छुड़ा लिया।
हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी गर्दन और शरीर पर गहरे जख्म मिले हैं। परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी बढ़ते ही जंगलों से निकलकर तेंदुए आबादी वाले इलाकों में पहुंचने लगे हैं। गरियाबंद मुख्यालय के आसपास हर साल तेंदुओं की गतिविधियां देखी जाती हैं, जिससे लोगों में हमेशा भय बना रहता है।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। तेंदुए की लोकेशन ट्रैक करने के लिए इलाके में ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। गांव में मुनादी कर लोगों को रात में अकेले बाहर नहीं निकलने और सतर्क रहने की चेतावनी दी जा रही है।
रेंजर प्रांजली मिश्रा ने बताया कि तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और वन विभाग की टीम इलाके में गश्त भी बढ़ा रही है।


