निगम में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! रातों-रात बदले गए 6 अफसरों के विभाग, कई अहम जिम्मेदारियां इधर से उधर

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भिलाईनगर 22 मई 2026: भिलाई नगर निगम में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। निगम प्रशासन ने कार्य विभाजन आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए 6 वरिष्ठ अधिकारियों के प्रभार बदल दिए हैं। नए आदेश के बाद कई अहम विभागों और करोड़ों रुपये की योजनाओं की जिम्मेदारी नए अधिकारियों को सौंप दी गई है। इस बदलाव के बाद निगम दफ्तर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

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जारी आदेश के मुताबिक अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार तिग्गा को प्रभारी मुख्य अभियंता बनाया गया है। उन्हें 2 करोड़ रुपये से अधिक के सभी विकास कार्यों की निगरानी, जोन-4 और 5 का नोडल अधिकारी, पीएम आवास योजना, मुख्यमंत्री जेनेरिक मेडिकल स्टोर, जलशक्ति अभियान, विद्युत प्रकाश व्यवस्था, वित्त आयोग से जुड़ी योजनाएं और सिटी डेवलपमेंट प्लान समेत करीब 25 महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

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वहीं कार्यपालन अभियंता वेशराम सिन्हा को प्रभारी अधीक्षण अभियंता का प्रभार दिया गया है। उन्हें जोन-1, 2 और 3 के साथ कम्प्यूटर शाखा, जन स्वास्थ्य विभाग, उद्यान विभाग, भवन संधारण, वाहन शाखा और जनसूचना अधिकारी जैसी जिम्मेदारियां मिली हैं।

उपायुक्त दिनेश कोसरिया को जोन-1 नेहरू नगर का जोन आयुक्त बनाया गया है। साथ ही राजस्व विभाग, संपदा विभाग, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण रोकने, अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई और ईडब्ल्यूएस भूमि संरक्षण जैसी अहम जिम्मेदारियां भी उनके पास रहेंगी।

उपायुक्त नरेंद्र बंजारे को विधि, स्थापना शाखा, खाद्य शाखा, विभागीय जांच, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, पेंशन शाखा और पीएम आवास आबंटन अनुबंध से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है।

सहायक अभियंता अजय गौर को प्रभारी भवन अधिकारी बनाया गया है। उन्हें वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और एनर्जी ऑडिट से जुड़े कार्यों का भी दायित्व सौंपा गया है।

इसके अलावा सहायक अभियंता अरविंद शर्मा को प्रभारी कार्यपालन अभियंता वैशाली नगर के साथ निगम क्षेत्र की खेल संरचनाओं के प्रबंधन और संचालन का नोडल अधिकारी बनाया गया है।

जोन आयुक्त येशा को जोन-2 वैशाली नगर के साथ जोन-5 सेक्टर-6 का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। साथ ही निगम आय बढ़ाने, अतिक्रमण रोकने और शासकीय संपत्तियों का डाटाबेस तैयार करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

बताया जा रहा है कि यह नई व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। निगम के इस बड़े फेरबदल के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि नए अधिकारी अपने विभागों में क्या बदलाव लाते हैं।