स्वतंत्र बोल
रायपुर 31 जनवरी 2025. राजधानी के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में हुए घोटाले के दोषियों को बचाने नए नए तरकीबे निकाली जा रही है। ऐसी तरकीबे जिससे बैंक को भले ही नुकसान हो, पर घोटाले बाजो को खरोच भी ना आये। बैंक प्रबंधन का यही काम उनके लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। जिला सहकारी बैंक में हुए करोडो घोटाले में शामिल तीन अधिकारियो पर अपराध दर्ज होने के बाद बैंक प्रबंधन ने कभी दोबारा पलट कर नहीं देखा कि बाकी बचे आरोपितो पर कार्यवाही हुई या नहीं,, साल 2024 में जब स्वतंत्र बोल ने इस मामले को एक्सपोज़ किया तो बैंक प्रबंधन ने वर्षो से जमे और घोटालेबाज बैंक कर्मियों का तबादला किया। बैंक प्रबंधन ने यह दिखाने कि “बैंक प्रबंधन कार्यवाही कर रहा है” छह कर्मियों का ट्रांसफर कर दिया। अब ये कर्मचारी बिना किसी काम के हर महीने लाखो रुपये वेतन उठा रहे है।
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बैंक प्रबंधन ने अगस्त 2024 में सहायक लेखापाल मोहन लाल साहू को गरियाबंद, नरेश बैस को महासमुंद, रिफत जबीं सुल्तान को बसना, जमुना तांडी को धमतरी और ममता वर्मा को भाटापारा ट्रांसफर किया था, तीन महीने बाद मोहन साहू को गरियाबंद से महासमुंद नोडल ऑफिस में अटैच कर दिया गया। ये बैंक कर्मियों घोटाले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर शामिल रहे, और इनके खाते में पैसे जमा हुआ था। ऐसे में इन कर्मियों को तत्काल सस्पेंशन कर विभागीय जाँच जाँच संस्थित करना था, पर सिर्फ दिखाने के लिए प्रबंधन ने इनका ट्रांसफर कर खानापूर्ति की। पुष्ट जानकारिनुसार सभी कर्मचारी बीते पांच महीनो से बिना किसी काम के प्रत्येक महीने लाखो रुपये का वेतन बैंक से ले रहे है। दरअसल ट्रांसफर के दौरान गबन में शामिल होने पर प्रबंधन ने बैंकिंग आईडी का उपयोग करने पर पाबन्दी लगाया है, जिसके बाद कर्मचारीयो की मौज हो गई। बिना किसी काम के वेतन जारी हो रहा है।
तीर्थाटन और चुनाव प्रचार-
ट्रांसफर किये गए कर्मचारियों के पास कोई नहीं होने से मौज हो गई। बताते है कि कर्मचारी तीर्थाटन करने कुंभ निकल गए तो कुछ चुनाव निकाय चनाव में चुनाव प्रचार कर रहे है। उधर साल भर से सस्पेंड घनश्याम देवांगन और पंकज सराफ ने 75 फीसदी वेतन देने की मांग की है। पंकज और देवांगन ने शपथ पत्र देकर घोटाला करना स्वीकार किया था, तब दिसंबर 2023 ,में किया गया तो इन्हे जीवन निर्वाह भत्ता (आधी सैलेरी) मिल रही है। अब साल भर बाद भी बहाली या कार्यवाही नहीं होने पर इन्होने 75 फीसदी वेतन की मांग की है।
