एक बूंद खून बन सकती है किसी की जिंदगी! राज्यपाल डेका ने रक्तदाताओं को बताया समाज का असली नायक

स्वतंत्र बोल
रायपुर, 14 जून 2026 : किसी अनजान व्यक्ति की जिंदगी बचाने का सबसे आसान और सबसे बड़ा माध्यम यदि कोई है, तो वह रक्तदान है। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने यही संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म दूसरे के जीवन की रक्षा करना है और यदि यह कार्य रक्तदान के माध्यम से हो सके तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं हो सकता।

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भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल एवं छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के अध्यक्ष रमेन डेका ने प्रदेश के सर्वाधिक रक्तदान करने वाले 30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

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समारोह के दौरान लोकभवन में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानवता के इस महाअभियान में भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज भी रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। किसी जरूरतमंद मरीज तक रक्त केवल स्वस्थ व्यक्तियों के स्वैच्छिक दान से ही पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया, सिकल सेल, एनीमिया, हिमोफिलिया, कैंसर और सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपात परिस्थितियों में रक्त जीवन और मृत्यु के बीच का सबसे महत्वपूर्ण अंतर साबित होता है।

राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ के रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों में सेवा और परोपकार की जो भावना है, वह अनुकरणीय है। वर्षों से निस्वार्थ भाव से रक्तदान कर रहे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं और उनकी सेवाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आदर्श बनेंगी।

उन्होंने रेडक्रॉस ब्लड बैंक और उसकी टीम के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्था लंबे समय से जरूरतमंद मरीजों तक जीवनदायी रक्त पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है और अनगिनत लोगों की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा रही है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन तोमन साहू ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि सचिव डॉ. रूपल पुरोहित ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर रेडक्रॉस स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

समारोह में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, रेडक्रॉस के उपाध्यक्ष रूपेश पाणिग्रही, कोषाध्यक्ष संजय पटेल, रेडक्रॉस ब्लड सेंटर रायपुर के प्रभारी डॉ. सत्यनारायण पाण्डेय, पूर्व चेयरमैन अशोक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में स्वैच्छिक रक्तदाता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और रेडक्रॉस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

विश्व रक्तदाता दिवस पर दिया गया यह संदेश एक बार फिर याद दिलाता है कि रक्तदान केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसी को जीवन देने का सबसे अनमोल उपहार है।