स्वतंत्र बोल
लखनऊ 28 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद की 12 सीटों पर चुनाव हो सकता है। इन सीटों पर चुने गए सदस्यों का कार्यकाल 30 जनवरी 2027 को समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग नवंबर-दिसंबर 2026 में चुनाव करा सकता है। विधानसभा में विधायकों की मौजूदा संख्या के आधार पर अनुमान है कि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को 8 से 9 और समाजवादी पार्टी (सपा) को 3 से 4 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, ये संभावित आंकड़े हैं, चुनाव के नतीजे नहीं।
फिलहाल इन 12 सीटों में से 11 बीजेपी और एक सपा के पास है। ऐसे में मौजूदा अनुमान सही साबित हुआ तो एनडीए की सीटें घट सकती हैं, जबकि सपा की संख्या बढ़ सकती है।
2021 में बीजेपी ने जीती थीं 10 सीटें
विधान परिषद की इन 12 सीटों पर जनवरी 2021 में चुनाव हुआ था। उस समय विधानसभा में बीजेपी के 304 और सपा के 47 विधायक थे। चुनाव में बीजेपी ने 10 सीटें जीती थीं, जबकि सपा को दो सीटें मिली थीं।
बीजेपी की ओर से तत्कालीन उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व IAS अरविंद शर्मा, लक्ष्मण आचार्य, कुंवर मानवेंद्र सिंह, गोविंद नारायण शुक्ला, अश्विनी त्यागी, सलिल विश्नोई, धर्मवीर प्रजापति और सुरेंद्र चौधरी विधान परिषद पहुंचे थे।
सपा की ओर से विधान परिषद में पार्टी के नेता अहमद हसन और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी निर्वाचित हुए थे।
बाद में बीजेपी की सीटें बढ़कर 11 हुईं
चुनाव के बाद हुए बदलावों के चलते बीजेपी की सीटें बढ़कर 11 हो गईं। अहमद हसन के निधन के बाद उनकी सीट पर बीजेपी के धर्मेंद्र सेंथवार एमएलसी बने। लक्ष्मण आचार्य के सिक्किम का राज्यपाल बनने के बाद उनकी जगह पद्मसेन चौधरी को विधान परिषद भेजा गया। वहीं, डॉ. दिनेश शर्मा के राज्यसभा जाने के बाद उनकी जगह दारा सिंह चौहान एमएलसी बने।
इस तरह इन 12 सीटों में बीजेपी के सदस्यों की संख्या 11 हो गई, जबकि सपा के पास एक सीट रह गई।
मौजूदा विधानसभा संख्या से बदला चुनावी गणित
अब उत्तर प्रदेश विधानसभा में बीजेपी के 256 विधायक हैं, जबकि सपा के 101 विधायक हैं। एनडीए के सहयोगी दलों और अन्य समर्थक विधायकों को मिलाकर सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रभावी संख्या करीब 294 मानी जा रही है।
इसी बदले हुए गणित के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी चुनाव में एनडीए को 8 से 9 सीटें और सपा को 3 से 4 सीटें मिल सकती हैं। इस अनुमान के मुताबिक, एनडीए की सीटें दो से तीन घट सकती हैं और सपा की सीटें दो से तीन बढ़ सकती हैं। अंतिम नतीजे चुनाव के समय की विधानसभा संख्या और मतदान पर निर्भर करेंगे।
इन 12 नेताओं का कार्यकाल होगा खत्म
30 जनवरी 2027 को जिन 12 एमएलसी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें बीजेपी के 11 और सपा के एक सदस्य शामिल हैं।
बीजेपी के जिन सदस्यों का कार्यकाल खत्म होगा, उनमें स्वतंत्र देव सिंह, अरविंद कुमार शर्मा, कुंवर मानवेंद्र सिंह, गोविंद नारायण शुक्ला, सलिल विश्नोई, अश्विनी त्यागी, धर्मवीर प्रजापति, सुरेंद्र चौधरी, धर्मेंद्र सेंथवार, पद्मसेन चौधरी और दारा सिंह चौहान शामिल हैं। सपा की ओर से राजेंद्र चौधरी का कार्यकाल समाप्त होगा।
सपा के पास सीटें बढ़ाने का मौका
विधान परिषद की इन सीटों पर चुनाव सपा के लिए अपनी संख्या बढ़ाने का मौका हो सकता है। 2021 में पार्टी को दो सीटें मिली थीं, जबकि मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर इस बार तीन से चार सीटें मिलने का अनुमान है।
इन सीटों के लिए मतदान विधायक करेंगे। कार्यकाल 30 जनवरी 2027 को समाप्त होने के कारण नवंबर-दिसंबर 2026 में चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, चुनाव की तारीखों की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।


